24
March

बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार के किस्से तो आप ने खूब सुने होंगे। लेकिन ट्रैफिक विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। यह हम नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो खुद इसका गवाह है। वायरल हो रहे इस वीडियो ने पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी है।  ताजा मामला बरेली जिला का है। वायरल वीडियो के अनुसार, यहां ट्रैफिक पुलिस लाइन में एक होमगार्ड की पत्नी ने जमकर हंगामा काटा। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति की ड्यूटी लगवाने के लिए एचसीपी ने ड्यूटी लगाने के बदले पत्नी की मांग की। पीड़िता का आरोप है कि एचसीपी रोज उसके पति से कहता था कि ड्यूटी तब लगाएंगे पहले अपनी बीवी को लेकर आओ और दू@%# पिलाओ। मांग पूरी ना होने पर पीड़िता के पति की ड्यूटी भी नहीं लगाई जा रही है। पीड़ित नकटिया गांव का रहने वाला है। ट्रैफिक पुलिस लाइन में घंटो चले हंगामे और गाली गलौज की सूचना पर वहां पुलिसकर्मियों के साथ लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। इसकी सूचना जब एसपी ट्रैफिक को लगी तो उन्होंने वीडियो के आधार पर सीओ को जांच सौंपी है। ट्रैफिक पुलिस में फैले भ्रष्टाचार का यह पहला मामला नहीं है। राजधानी लखनऊ में भी ट्रैफिक पुलिस लाइन में होमगार्डों की ड्यूटी लगवाने के लिए जमकर अवैध वसूली होती है। यहां हर चौराहे के अलग रेट फिक्स हैं। होमगार्ड रोजाना ड्यूटी के लिए पैसे देते हैं इसके बाद चौराहों और तिराहों से लेकर हाइवे पर जमकर अवैध वसूली करते हैं। सूत्रों के मुताबिक एक महीने की ड्यूटी के लिए होमगार्ड को 200 रूपये से लेकर 1500 रूपये तक फिक्स हैं। वहीं चौराहे पर रोजाना 50 से 100 रुपये तक फिक्स हैं। अगर ये पैसे नहीं दिए तो आप ड्यूटी से हाथ धोकर बैठ जायेंगे।  रिश्वत देने के बाद ही होमगार्डों को ड्यूटी दी जाती है। इसके बाद उन्हें दिनभर मेहनत करके 375 रुपये दैनिक वेतन के रूप में मिलता है। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जिस होमगार्ड को ड्यूटी नहीं मिली और वह कई महीने से खाली बैठा है वह ये रकम कहां से जुटाएगा। बता दें कि लखनऊ ट्रैफिक लाइन का एक वीडियो पहले वायरल हो चुका है इसमें लाइन लगाकर होमगार्डों से ड्यूटी लगाने के लिए पैसे लिए जा रहे थे।

23
March

 

 

 

नई दिल्ली। आधार मामले में बुधवार को सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने डाटा सिक्युरिटी को लेकर तमाम आशंकाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार खत्म करने का एक गंभीर प्रयास है। सुप्रीम कोर्ट में आधार योजना पर गुरुवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडेय प्रेजेंटेशन देंगे। केंद्र सरकार की मांग पर सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच से उन्हें आधार डाटा की सिक्युरिटी पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के लिए इजाजत मिली है। सरकार ने कोर्ट को बताया है कि आधार का डाटा सेंट्रल आईडेंटिटीज रिपाॅजिटरी में 10 मीटर ऊंची और 4 मीटर चौड़ी दीवार के पीछे सुरक्षित है। इससे पहले कोर्ट ने सरकार से पूछा था आप नागरिक की सिर्फ पहचान चाहते हैं फिर उसके निजी डाटा को आधार योजना के तहत केंद्रीकृत करके रखने की क्या जरूरत है?  आधार योजना की उपयोगिता को लेकर केंद्र सरकार ने संविधान पीठ के सामने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान का जिक्र किया। अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने कहा एक पूर्व पीएम ने कहा था कि केंद्र सरकारी योजनाओं में एक रुपया जारी करता है तो लाभार्थी तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचते हैं। 85 पैसे बीच में खा जाते हैं। उन्होंने कहा कि आधार से इस तरह की रिश्वत और कमीशनखोरी पर लगाम लग जाएगी।  सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा पेंशन भुगतान के लिए सरकारी रिटायर्ड कर्मचारियों अधिकारियों के आधार की क्या जरूरत है? क्योंकि सरकार के सामने उनकी पहचान पहले से ही होती है। कोर्ट ने यह सवाल विदेश में बस गए पेंशनधारी भारतीयों की याचिका पर किया। इसमें कहा गया है कि आधार सिर्फ भारतीय नागरिक का बनता है ऐसे में उनके पेंशन आधार को जरूरी करने के चलते रुक गई है। इस पर केंद्र सरकार ने कहा कि कानून की खामियों को दूर किया जा रहा है

 

 

 

23
March

 

 

 

नई दिल्ली। लड़की ने बुधवार को नोएडा स्थित अपने घर में फांसी लगाई थी। उसके सुसाइड नोट के आधार पर नोएडा पुलिस ने दो स्कूल टीचर और प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया है। राजधानी के मयूर विहार फेज-1 स्थित एल्कॉन पब्लिक स्कूल के टीचरों पर शोषण और प्रताड़ना के आरोप लगाकर सुसाइड करने वाली छात्रा (15 साल) के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की। गुरुवार को छात्रा के माता-पिता और उनके कुछ साथियों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और नेशनल हाईवे 24 पर जाम लगाया। उन्होंने इंसाफ की गुहार लगाते हुए कहा कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। स्कूल टीचरों के द्वारा शौषण को लेकर क्या वो सोच रहे हैं कि बेटी झूठ बोल रही थी? क्या पुलिस दवाब में है या उन्होंने घूस ले ली है? हमें इंसाफ चाहिए इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। एल्कॉन स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा छात्रा की मौत का हमें भी दुख है। इस घड़ी में उसके परिवार के साथ हैं। अगर हम उसका रिकॉर्ड देखें तो वो एक एवरेज स्टूडेंट थी। पढ़ाई में ज्यादा अच्छी नहीं थी पर डांस में हमेशा सबसे आगे रहती थी। स्टूडेंट्स को पेरेंट्स टीचर मीटिंग (PTMs) में मार्क्स दिए गए लेकिन उसके माता-पिता किसी भी मीटिंग में नहीं आए। वह फेल नहीं हुई थी दोबारा टेस्ट देने का मौका था। परिवार ने जिन टीचरों पर आरोप लगाए हैं उनमें एक महिला टीचर है। वो कैसे किसी लड़की का शोषण कर सकती है? दूसरा टीचर स्कूल में 25 साल से पढ़ा रहा है। कभी इनके बारे में कोई शिकायत नहीं मिली। नोएडा के एसपी सिटी ने बताया कि स्कूल में कई छात्र-छात्राएं मैथ्स साइंस और सोशल साइंस में फेल हुए हैं। इसीलिए हम नहीं कह सकते कि छात्रा को जानबूझकर फेल किया गया या उसे पासिंग मार्क्स नहीं मिले। एक कमेटी पूरे मामले की जांच कर रही है। महिला सुरक्षा का वादा करके सत्ता में आई सरकार बेटियां महिलाएं सुरक्षित नही, छेड़छाड़ से तंग छात्रा ने खुद को जिंदा जलाया… एल्कॉन स्कूल में 9वीं की छात्रा फेल होने से निराश थी। 16 मार्च को रिजल्ट आने पर उसने बुधवार को नोएडा स्थित घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। पिता ने बताया कि बेटी ने 20 तारीख को अपनी किताब में लिखा- ‘I am failure…I am dumb…I hate myself.’ (मैं नाकाम और कम अक्ल, खुद से नफरत करती हूं) छात्रा के पिता का आरोप है स्कूल में सोशल साइंस का टीचर राजीव सहगल बेटी से छेड़छाड़ करता था। साइंस की महिला टीचर नीरज आनंद उसे धमकाती थी। दोनों ने जानबूझकर परीक्षा में कम नंबर दिए थे। वह फेल हो गई। मैंने प्रिंसिपल से शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ। हार कर बेटी ने मौत का रास्ता चुन लिया। नोएडा पुलिस ने छात्रा के पिता की शिकायत पर बुधवार को स्कूल के दोनों साइंस टीचर समेत प्रिंसिपल के खिलाफ छेड़छाड़ करने आत्महत्या के लिए उकसाने धमकी देने और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। पहले पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा नहीं जोड़ी थी। सवाल उठे तो फिर दोबारा धाराएं बढ़ाई गईं। मामले में पहली शिकायत दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया।

 

 

 

23
March

नई दिल्ली। 6 राज्यों की 25 सीटों और केरल की एक सीट के उपचुनाव के लिए शुक्रवार को जारी है। इस चुनाव के बाद भाजपा राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आ सकती है। उसे 12 से 15 सीट का फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अपने 38 साल के इतिहास में वह पहली बार 70 से ज्यादा सीटें पा सकती है। देश के 16 राज्यों के 58 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल अप्रैल-मई में खत्म हो रहा है। इसके लिए जारी चुनावी प्रक्रिया में अब तक 10 राज्यों में 33 सांसद निर्विरोध चुने गए हैं। भाजपा का गठन 1980 में हुआ था। राज्यसभा की 58 सीटों में से 33 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें बीजेपी के 17, कांग्रेस के 4 और अन्य दलों में बीजेडी 3 आरजेडी 2 टीडीपी 2 जेडीयू 2 शिवसेना 1, एनसीपी 1 और वाईएसआरसी 1 का कैंडिडेट शामिल है। सात केंद्रीय मंत्री निर्विरोध चुने गए। इनमें रविशंकर प्रसाद (बिहार), धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद गहलोत (मध्यप्रदेश), जेपी नड्डा (हिमाचल), प्रकाश जावड़ेकर (महाराष्ट्र), मनसुखभाई मांडविया और पुरुषोत्तम रूपाला (गुजरात) शामिल हैं। 23 मार्च को केरल की एक सीट पर उपचुनाव भी होगा। यहां से जेडीयू सांसद वीरेंद्र कुमार ने इस्तीफा दे दिया था। भाजपा के राज्यसभा में फिलहाल 58 सांसद हैं। अप्रैल में 14 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इस तरह पार्टी के पास सिर्फ 44 सांसद बचते हैं। चुनाव के बाद भाजपा की स्ट्रैंथ 72हो सकती है 44 + 28 (17 कैंडिडेट निर्विरोध चुने गए हैं। उत्तरप्रदेश से 8, कर्नाटक से 1, झारखंड से 1 और छत्तीसगढ़ से 1 सीट जीतना तय।) जिन 6 राज्यों में चुनाव होने हैं वहां से भाजपा को कम से कम 11 सीटें मिल सकती हैं कुल 10 सीट पर चुनाव हैं। उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी पार्टी के पास 37 विधायक होने जरूरी हैं। बीजेपी अलायंस के पास 324 सीट हैं। 8 सदस्यों को राज्यसभा पहुंचाने के बाद 28 विधायक बचते हैं। ऐसे में एक और सदस्य को अपर हाउस भेजने के लिए 9 विधायक का समर्थन चाहिए। उधर समाजवादी पार्टी के पास 47 विधायक हैं। इस हिसाब से एसपी का एक ही कैंडिडेट राज्यसभा में जा सकता है। एसपी ने राज्यसभा के लिए जया बच्चन को चुना है। असल लड़ाई 10वीं सीट के लिए है। बीएसपी कैंडिडेट भीम राव आंबेडकर और बीजेपी के अनिल अग्रवाल आमने-सामने हैं। सपा बसपा को समर्थन दे रही है। इसलिए यह चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। भाजपा उम्मीदवार:अरुण जेटली (वित्त मंत्री), डॉ. अशोक बाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, डॉ. अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव, हरनाथ सिंह यादव, अनिल अग्रवाल। अपर हाउस में चुने जाने के लिए यहां एक कैंडिडेट को 45 वोट (कुल 224 असेंबली सीट में से) की जरूरत है। 124 विधायक के साथ सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के 2 कैंडिडेट राज्यसभा जाना तय हैं। बाकी, 2 सीट में से एक पर बीजेपी- जेडीएस समर्थित उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर का भी चुना जाना करीब-करीब पक्का है। बीजेपी के पास 44 विधायक और जेडीएस के पास 39 विधायक हैं। आखिरी एक सीट के लिए चुनाव दिलचस्प होगा। झारखंड में कुल 82 मेंबर हैं। राज्यसभा में जाने के लिए 28 विधायकों का समर्थन जरूरी है। सत्ताधारी बीजेपी के पास 43 सीट हैं। वहीं, उसके सहयोगी पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के पास चार सीट हैं। इस हिसाब से बीजेपी को एक सीट मिलना तय है। छत्तीसगढ़ असेंबली में 90 सीट हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 46 विधायकों के वोट चाहिए। बीजेपी के पास 49 और कांग्रेस के पास 39 विधायक हैं। वहीं, बीएसपी का एक विधायक है। एक विधायक निर्दलीय है। ऐसे में बीजेपी उम्मीदवार सरोज पांडेय का अपर हाउस जाना तय है। पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में बीजेपी ने अपने उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारे हैं। राज्यसभा चुनाव का फॉर्मूला है= (खाली सीटें + एक) कुल योग से विधानसभा की सदस्य संख्या से भाग देना। इसका जो जवाब आए उसमें भी एक जोड़ने पर जो संख्या होती है। उतने ही वोट एक सदस्य को राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए चाहिए। यूपी में 403 विधानसभा सीटें हैं। राज्यसभा चुनाव 10 सीटों के लिए होना है। खाली सीट 10+1= 11। 403/ 11= 36.63। 36.63 +1= 37.63। यूपी राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक सदस्य को औसतन 37 विधायकों का समर्थन चाहिए।

Page 12 of 18