05
April

मैनफोर्स

लखनऊ। कोतवाली मडियाव क्षेत्र के अंतर्गत सदर तहसील में आने वाला घैला गांव की जमीन पर कुछ दबंग प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा चक मार्ग पर लेखपाल विमल द्विवेदी ने मोटी रकम लेकर करवा दिया निर्माण। क्षेत्र के घैला गांव में चकरोड पर निर्माण के चलते गांव मे तनाव व्याप्त है ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से गुहार लगाकर चकरोड को पूर्णता कायम करने की मांग की है चकरोड पर निर्माण हो जाने से आवागमन बंद हो गया है ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के दबंगों ने मुन्ना पुत्र सनातन, बबलू पुत्र वहिदुल निवासी घैला लंबे चौड़े चक मार्ग को खत्म कर दिया है गांव में तनाव व्याप्त है। कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत व समाधान दिवस में शिकायत पत्र देने के बावजूद दबंग प्रॉपर्टी डीलर अभिषेक मित्तल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

05
April

मैनफोर्स

लखनऊ। एक तरफ  जहां केन्द्र सरकार जोर—शोर से स्वच्छ भारत अभियान को साकार करने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है। वही दूसरी ओर लखनऊ नगर निगम के आलाधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा केन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उडाने में कोई कोर कसर नहीं छोडा जा रहा है। पाठकों को बता दें कि राजधानी लखनऊ के पुराने क्षेत्रों के गलियों की नालियां गंदगी से बज बजा रही है। पुराने लखनऊ का क्षेत्र खुलेआम बज बजाती नालियों, बिखरें कचरेए गली—गली टूटी और धंसी सडके पूरी तरह से जहां स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोल रही है तो वहीं दूसरी ओर स्वच्छ भारत अभियान को सार्थक बनाने वाली सरकारी मशीनरियों की नियत को भी बयां कर रही है। पुराने लखनऊ के लोगों का जीवन गंदगी के अंबार में बैठकर नरक बना हुआ है। नगर निगम लखनऊ राजधानी को कागज़ो में स्वच्छ बनाने और स्वच्छता की सूची में लखनऊ को प्रथम स्थान पर लाने का दावा कर रहा और मगर उसके सारें दावे पुराने लखनऊ की गलियों में घुसते ही ध्वस्त हो जा रहे है।

03
April

मो. इरशाद

बहराइच। जनपद बहराइच के डूडा विभाग से गरीब बेघर लोगो को आवास आवंटन किया गया था किंतु कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम की लापरवाही उदासीनता के चलते आज बारह वर्षों के बाद भी गरीबो को आवंटित आवास नही मिल सका है। अपने घर का सपना संजोये जिले के गरीब दो सौ छिहत्तर परिवार आज भी घर मिलने की आस में आंखे पथरा गयी है।परियोजना प्रबंधक संजय सिंह ने कार्यदायी संस्था को पत्र लिखकर बन रहे दो सो छिहत्तर आवासों को विभाग को सौपने के लिए कहा है लेकिन कार्यदायी संस्था पर इसका कोई असर होता नही दिखाई दे रहा है। आखिर समय से निर्माण कार्य पूरा न करने वालो की जिम्मेदार अधिकारियो कर्मचारियो के लापरवाही से आज गरीबो को बारह वर्ष बाद भी सरकार की आवासीय योजना का लाभ नही मिल सका। सरकारी आवास पाने वाले आवंटियों को आज भी मकान पाने का इंतजार है। अब तो लापरवाही बरतने वालो पर कार्यवाही की मांग उठाने लगी है। गरीबो के मसीहा बनने का दम भरकर शासन सत्ता में आई बसपा सपा व भाजपा सरकार के लगभग पौने दो साल के कार्यकाल के बाद भी भवन निर्माण ज्यो की त्यों पर लटकी हुई है।

27
March
नगर निगम और अतिक्रमणकारी तू—तू डाल, मैं पात—पात का खेल रहे है खेल

मैनफोर्स

लखनऊ। राजधानी में अतिक्रमणकारियों का हौसला इतना बुलंद है कि वे शहर के हर कोने पर अतिक्रमण करने से बाज नहीं आते है। यदि अतिक्रमणकारियों का वश चले तो वे विधानसभा और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी अतिक्रमण कर ले। अतिक्रमणकारियों के बुलंद हौसले का परिणाम है कि एक तरफ नगर निगम अतिक्रमण हटवाती है तो वही दूसरी ओर नगर निगम के हटते ही अतिक्रमण मुक्त कराये गये स्थान अतिक्रमण की भेंट चढ जाते है। अतिक्रमणकारियों और नगर निगम के बीच तू डाल—डाल, मैं पात—पात का खेल हमेशा से चलता आ रहा है। आज पुन: नगर निगम के आलाधिकारियों ने यही खेल खेला है।

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