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April

नगर निगम के दावे फुस्स, पार्कों की हालत बदतर

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पार्कों के सौंदर्यीकरण तो कहीं स्वच्छता अभियान को लेकर फंस गया नगर निगम

मैनफोर्स

लखनऊ। प्रदेश सरकार स्वच्छता अभियान व विकास को लेकर बड़े.बड़े दावे कर रही है। वहीं राजधानी का एक क्षेत्र ऐसा भी है, जहां पिछले कई सालों से लोगों को अनेक समस्याओं से जूझना करना पड़ रहा है। मामला राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार का है। जहां के चंद्रिका टावर के पास पार्क को लखनऊ प्रशासन द्वारा लगभग 12 साल पहले बनाया गया था। इसके साथ ही क्षेत्र की पानी की समस्या को देखते हुए एक पानी की टंकी का निर्माण भी इस पार्क में कराया गया था। मगर आज पार्क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह पार्क एक बड़ी समस्या बन चुका है।

 

स्थानीय निवासिनी अंजू शुक्ला ने बताया कि 12 साल पहले पार्क में निर्माण कार्य कराया गया था। मगर उसके बाद देखरेख नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि पार्क में किसी प्रकार की लाइट की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण पार्क में कई अराजकतत्व रात में बैठकर शराब पीते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पार्क के आसपास कई घरों में चोरियां भी हो चुकी हैं। वहीं समीर ने बताया कि पार्क में इस कदर गंदगी है कि पार्क में आने का मन ही नहीं करता है। उन्होंने बताया कि पार्क की दीवारें सालों से टूटी पड़ी हुई है लेकिन आज तक किसी प्रकार की मरम्मत नहीं कराई गई है। जिसके चलते कई बाहरी जानवर पार्क में आकर गंदगी फैलाते हैं। सौरभ चौधरी ने बताया कि पार्क में पानी की टंकी का निर्माण लगभग 10 वर्ष पूर्व ही कराया गया था। मगर जब टंकी में पानी भर कर उसका प्रशिक्षण कराया गया तो पता चला कि टंकी पूरी तरह से लीकेज है। तब से आज तक टंकी की रंगाई पुताई तो कराई जाती है लेकिन लखनऊ प्रशासन आज तक टंकी के लीकेज होने पर आंख बंद किए हुए है। 

विश्वनाथ पार्क का गेट टूटा पड़ा मवेशियों ने बनाया अपना घर 

राजधानी के भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड स्थित विश्वनाथ पार्क की हालत बदतर हो चुकी है। पार्क का मेन गेट अलग हो चुका है। पार्क की दीवारें कई जगहों से टूट चुकी हैं। पार्क की सफाई के बारे में बात की जाए तो चारों ओर की दीवारें टूटी होने के कारण आसपास के आवारा पशु इसी पार्क में शरण लेते हैं। जिसके चलते पार्क के अंदर व्याप्त गंदगी भी देखने को मिलती है। संवाददाता ने जब पार्क की समस्या के बारे में स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि पार्क का निर्माण अखिलेश सरकार में कराया गया था। लगभग 6 साल बीत चुके हैं। मगर आज तक पार्क की कोई मरम्मत नहीं कराई गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क की हालत बिल्कुल खराब हो चुकी है। पार्क का मेन गेट टूट चुका है। इसके साथ की पार्क की दीवारें भी जगह जगह से गिर चुकी हैं। जिससे पार्क में आवारा पशुओं का आना जाना लगा रहता है। इतना ही नहींए पार्क के अंदर पेयजल के लिए दो हैंड पंप लगाए गए थे लेकिन ये हैंडपंप अब खराब पड़े हुए हैं। वहीं जब क्षेत्र की समस्या के बारे में भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड की पार्षद रुपाली गुप्ता बात की तो उन्होंने बताया कि पार्क की सुधार के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि अचार संहिता खत्म होते ही पार्क की मरम्मत करवा दी जायेगी। पार्षद ने यह भी बताया कि इस बात को राम लीला पार्क बनाने की योजना तैयार की जा चुकी है।

लक्ष्मण गौशाला बन गया कूड़ा घर, नगर निगम की सफाई सिर्फ दिख रही कागजों पर 

राजधानी लखनऊ को स्वच्छता के मामले में नंबर 1 बनाने के लिए नगर निगम द्वारा 4 जनवरी से 31 जनवरी तक स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान चलाया गया। मगर स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान मात्र कागजों पर ही देखने को मिल रहा है। धरातल पर अगर बात की जाए तो राजधानी में चहुंओर गंदगी की भरमार देखी जा रही है। जी हां मामला जानकीपुरम का है। जहां लक्ष्मण गौशाला के बाहर अभी भी गंदगी का ढेर देखने को मिल रहा है। जिससे न केवल आसपास की हवा दूषित हो रही बल्कि आम जनमानस भी प्रभावित हो रहा है। समस्या के बारे में बात करते हुए लक्ष्मण गौशाला के प्रबंधक गजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले कई सालों से लक्ष्मण गोशाला के बाहर नगर निगम के सफाई कर्मी क्षेत्र के अनेक स्थानों का कूड़ा लाकर गौशाला के समीप जमा कर देते हैं। जिसकी वजह से गौशाला के लोगों के साथ-साथ मार्ग से गुजर रहे लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि लगातार कूड़ा जमा होने के कारण नालियां जो खो चुकी हैं। कई बार क्षेत्र में डेंगू मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियां भी जन्म ले चुकी हैं। उन्होंने बताया कि यदि ऐसी ही समस्या बनी रही तो एक दिन पूरे क्षेत्र में महामारी अपना पैर फैला लेगी। प्रबंधक ने यह भी बताया कि कई बार शासन प्रशासन को समस्या के बारे में पत्र भी लिखा जा चुका है। मगर प्रशासन द्वारा मात्र आश्वासन की घुट्टी ही पिलाई जा रही है।

स्कूल में बच्चे नहीं शराबी आवारा पशुओं का जमावड़ा

नगर निगम राजधानी को स्वच्छ व साफ.सुथरा बनाने के बड़े.बड़े दावे तो रहा है। मगर सभी दावे खोखले नजर आ रहे हैं। कूड़े के ढेर व कचड़े से बजबजा रही नालियां नगर निगम की लापरवाही खुल कर बयां कर रही हैं। मामला लखनऊ के जानकीपुरम का है जहां सिकंदरपुर प्राथमिक विद्यालय के अंदर व बाहर गंदगी का भंडार लगा हुआ है। समस्या के बारे में बात करते हुए सिकंदरपुर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक शोभित श्रीवास्तव का कहना है कि विद्यालय की बाउंड्रीवॉल न होने के कारण आसपास के आवारा पशु विद्यालय के अंदर आ जाते हैं। जिसके चलते विद्यालय में गंदगी हो जाती है। शिक्षक ने बताया कि रात के समय विद्यालय के खाली पड़े किचन में आसपास के लोग आकर शराब भी पीते हैं। शिक्षक ने यह भी बताया कि विद्यालय के चारों ओर बाउंड्रीवॉल न होने के कारण आसपास के लोग विद्यालय की जमीन को कब्जा कर लिया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय की समस्याओं की शिकायत स्थानीय सभासद व संबंधित विभागों की जा चुकी है। मगर अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में जमा कूड़े का ढेर उनके लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। क्षेत्र में कूड़ा जमा रहता है। जिसके कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि घरों के सीवर और नालिया जाम हो चुके हैं जिसकी वजह से सारा पानी रास्ते में जमा कूड़े में आ जाता है। जिसमें आने जाने वाले लोग गिरकर चोटिल भी चुके हैं। जब संवाददाता ने स्थानीय पार्षद से लोगों की समस्या के बारे में वार्ता की तो पार्षद ने कहाकि उन्हें पहले से ही क्षेत्र की समस्या के बारे में जानकारी है और जल्द ही वे स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान कर देंगे।

 

 

 

Read 594 times Last modified on Thursday, 11 April 2019 16:09
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