23
March

सरकारी जमीनों की बिक्री के भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं

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लहरपुर सीतापुर संवाद सत्ता परिवर्तन हुए भले ही एक वर्ष पूरा हो गया हो और इसी के साथ सरकार की मंशा साफ तौर पर भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की दिख रही हो किंतु प्रशासनिक अधिकारियों पर इसका असर कहीं थोड़ा सा भी दिखाई नहीं पड़ रहा प्रदेश की जनता बार-बार शायद यह सोचकर बसपा सपा भाजपा के रूप में सत्ता परिवर्तन करती हैं कि शायद अब हमारी समस्याओं का निदान होगा किंतु प्रशासनिक भ्रष्टाचार के चलते ना तो सरकार की मनसा मूर्त रूप ले पा रही है और इसके चलते जल्द ही जनता का भरोसा सरकार पर से टूटने लगता है आक्रोशित जनता पुनः सत्ता परिवर्तन की तरफ आशा भरी नजरों से देखने लगती हैं इसी का परिणाम अभी जल्द गोरखपुर तथा फूलपुर लोकसभा सीटों पर हार के रूप में भाजपा को देखने को मिला जनपद सीतापुर मे अधिकांश विधानसभा व लोकसभा सीटों पर भाजपा ही काबिज है किंतु भाजपा के नुमाइंदे मात्र ज्ञान तिवारी को छोड़कर चाहे वह सांसद राजेश वर्मा हो या विधायक सुनील वर्मा क्या जनता की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं ?पुलिस प्रशासन से लगाकर तहसील प्रशासन तक सरेआम नंगा नाच करने पर आमादा है कोतवाली पुलिस पूरे क्षेत्र में वसूली अभियान चलाकर आम जनमानस को परेशान कर रही है तो तहसील प्रशासन भूमाफियाओं से मिलकर सरकारी जमीन बेचकर मोटी कमाई कर रहा है जनप्रतिनिधियों को जनता का हाल जानने की फुर्सत नहीं मिल पाती है जानकारी के अनुसार भ्रष्ट लेखपाल कमलेश तिवारी से मिलकर पूर्व चेयरमैन हसीन खान ने नगर के अधिकतर तालाब अपने चमचों के नाम बैनामा करवा दिया जिन पर मात्र प्लाटिंग होना शेष है कुछ जगहों पर तो पक्के दो मंजिला आलीशान मकान बन कर भी तैयार हो गए गाटा संख्या 632 सैकड़ों वर्ष पुराना तालाब है अपने खास व्यक्ति जलीस भूरे व बदरुद्दीन के नाम बैनामा कर दिया काजी टोला स्थित बुढ़ान्ना तालाब गाटा संख्या 238/ 1 रकबा 0.741 हेक्टेयर अभिलेखों में हेरफेर कर जुबेर पुत्र अलाउद्दीन के नाम विक्रय हो गया बेहटी मो. अम्बर सराय लोखरियापुर मंगोलपुर आदि मोहल्लों में भी अधिकतर तालाबों की बिक्री हो गई है यही नहीं नबी नगर ग्राम पंचायत स्थित स्टेट की जमीन जो आबादी तथा सीलिंग आदि के नाम से दर्ज हैं बिक्री हो चुकी हैं नवीननगर स्थित रायपुर गंज गाटा संख्या 1 रकबा 52 बीघा संदीप मिश्रा व हरिओम तिवारी आदि भूमाफियाओं द्वारा बिक्री हो चुका है 1445 व 1447 मूल गाटा संख्या 1951 रकबा 110 बीघा सीलिंग नंबर दिलीप गुप्ता व मूलचंद्र मौर्य के द्वारा बैनामा कराया जा चुका है बंजर नंबर 1402 रकबा 0.13 00 व 1399 रकबा 0.1420 भू माफियाओं के हाथ विक्रय किए जा चुके हैं ग्राम सभा नौवापुर आदि सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन विक्रय हो चुकी हैं दिलचस्प पहलू यह है कि तहसीलदार लहरपुर द्वारा यह सब जानते हुए उक्त जमीने सरकारी अभिलेखों में आबादी तालाब सीलिंग अथवा बंजर भूमि के रूप में दर्ज है किस तरह इनका दाखिल खारिज किया गया है यह एक यक्ष प्रश्न है ग्रामपंचायत नवीनगर मे आज भी भूमाफियाओं द्वारा सरेआम सरकारी जमीन बिक्री हो रही है प्रशासन और भूमाफिया गरीबों का हक छीनकर मोटी कमाई कर रहे हैं ऐसे में सरकार की मंशा भले ही यूपीकोका व एंटी भू-माफिया जैसे कठोर कानून बनाकर सरकारी जमीनों की बिक्री भूमाफियाओं से मुक्त करने की रही हो किंतु प्रशासनिक भ्रष्टाचार के चलते यह सब संभव नहीं दिखाई पड़ रहा

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