23
April

“अंतिम-आदमी” के साथ अमानवीय व्यवहार, व्यवस्था की जीवन शैली बन चुका है: विजय कुमार पाण्डेय

लखनऊ। सेना कोर्ट लखनऊ ने 16 वर्ष से लापता सैनिक की पत्नी को एक लाख रुपए जुर्माने के साथ पेंशन देते हुए जिम्मेदार अधिकारी की तनख्वाह से जुर्माने की राशि काटने का आदेश सुनाया है। गौरतलब हो कि श्रीमती बिट्टन देवी के पति गनर राजेश कुमार आर्टिलरी रेजिमेंट में 11 अगस्त 1995 को भर्ती हुए थे। 5 मार्च 2003 को आर्टिलरी स्कूल देवलाली से पीड़िता के पति सेना की डियूटी से लापता हो गए और उन्हें तीन साल बाद 20 अप्रैल 2006 को भगोड़ा घोषित करके सेना की धारा 20 (3) के तहत सेना से बर्खास्त कर दिया गया। श्रीमती बिट्टन देवी ने सेना के जिम्मेदार अधिकारियों को कई पत्र दिया गया था। मगर कोई कार्यवाही न होते देख अपने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट 13 अगस्त 2006 को फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज थाने में दर्ज कराई।

12
April

शिकायत करने पर ग्राम प्रधान मिलन भाष्कर शिकायतकर्ताओं को देता है धमकी

मैनफोर्स

बहराइच। जनपद बहराइच में पीएम आवास के नाम पर ग्राम प्रधानों द्वारा खुलेआम लूट मचायी जा रही है। मगर उसके बावजूद भी जिम्मेदारों द्वारा इस अंधेरगर्दी पर लगाम नहीं लगाया जा रहा है। ग्राम प्रधानों द्वारा पैसे लेने के बाद भी लोगों को पीएम आवास का लाभ मुहैया नहीं कराया जा रहा है। इस अंधेरगर्दी की एक छोटा सा नमूना मैनफोर्स समाचार पत्र आपको जनपद बहराइच के ग्राम टिकुलियां, ब्लॉक फखरपुर, जनपद बहराइच का दिखाने का प्रयास कर रहा है। आपको को बता दें कि टिकुलियां, सिरौली आदि गांव ग्राम प्रधान मिलन भाष्कर के ग्राम पंचायत क्षेत्र में आता है।

11
April

पार्कों के सौंदर्यीकरण तो कहीं स्वच्छता अभियान को लेकर फंस गया नगर निगम

मैनफोर्स

लखनऊ। प्रदेश सरकार स्वच्छता अभियान व विकास को लेकर बड़े.बड़े दावे कर रही है। वहीं राजधानी का एक क्षेत्र ऐसा भी है, जहां पिछले कई सालों से लोगों को अनेक समस्याओं से जूझना करना पड़ रहा है। मामला राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार का है। जहां के चंद्रिका टावर के पास पार्क को लखनऊ प्रशासन द्वारा लगभग 12 साल पहले बनाया गया था। इसके साथ ही क्षेत्र की पानी की समस्या को देखते हुए एक पानी की टंकी का निर्माण भी इस पार्क में कराया गया था। मगर आज पार्क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह पार्क एक बड़ी समस्या बन चुका है।

10
April

समस्या के समाधान के लिए स्टेशनरी विक्रेता एवं निर्माता एसोसिएशन ने लगाई गृहमंत्री से गुहार

मैनफोर्स

लखनऊ। प्राइवेट स्कूलों द्वारा बिना किसी नियंत्रण के अभिभावकों से अधाधुंध फीस वसूली की जा रही है। स्कूल प्रबंधनों द्वारा सिंडीकेट बनाकर किताब, कापी, ड्रेस व स्टेशनरी को मनमाने दामों पर अभिभावकों को खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है। यह बात स्टेशनरी विक्रेता एवं निर्माता एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह चौहान ने कही। उन्होंने कहाकि स्कूल स्टेशनरी से सम्बंधित उत्पादों पर कर की न्यूनतम व एक समान दरों को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहाकि उत्तर प्रदेश में व्यवसाय कर रहे स्टेशनरी, कापी व किताब व्यापारियों का उत्तर प्रदेश एवं देश भर के छात्रों को शिक्षित करने में अहम योगदान है। चूंकि स्टेशनरी एवं कापी, किताब विक्रेता स्वयं भी इन वस्तुओं के उपभोक्ता है। इसलिए इन वस्तुओं में होने वाली लूट से भलीभांति परिचित है।

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