17
December

कोटेदार और प्रधान की मनमानी का शिकार हो रहे पुरैनीवासी

Written by 
Published in home down right

कोटेदार यूनिट के हिसाब से राशन नहीं देता, प्रधान पात्र लाभार्थियों को आवास और शौचालय नहीं देता 

कोटेदार पुरैनी वासियों से सीधे मुंह बात तक नहीं करता और ग्राम प्रधान ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं करता 

मैनफोर्स

बहराइच। समाज में भ्रष्टाचार इस कदर हावी हो गया है कि आम आदमी का जीना दुश्वार हो गया है। कोई भी ऐसा कार्य नहीं है, जिसके लिए आम आदमी को दाम न चुकाना पड़े। आम आवाम को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी दाम चुकाना पड़ रहा है, और यह सब इसलिए होता है। क्योंकि सम्पूर्ण प्रशासनिक मशीनरी भ्रष्टाचार का षिकार हो गई। आदमी चाहे वह अस्पताल में इलाज के लिए हो या फिर राशन कार्ड बनवाने से लेकर कोटे का राशन पाने तक हो। हर जगह बिना घूस दिये कोई कार्य संपन्न नहीं करा सकता है। यहां तक कि वर्तमान भाजपा सरकार ने गरीबों को निःशुल्क शौचालय, प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला गैस योजना जैसी सुविधाएं देने का ऐलान किया था। मगर ये सारी की सारी योजनाएं सरकारी मशीनरी के भ्रष्टाचार का शिकार हो गई। आम आदमी को शौचालय बनावाने के लिए भी घूस देना पड़ता है और अस्पतालों में होने वाले निःशुल्क इलाज के लिए भी शुल्क देना पड़ता है। आवास के नाम पर आम आदमी से इस सरकार के कार्यकाल में खूब ठगी की गई। ठगों के रूप में ग्राम प्रधानों और सचिवों ने जमकर धनउगाही की। धन उगाही के बाद भी यदि शौचालय की सुविधा और आवासीय सुविधा का लाभ मिल जाता तो गनीमत थी। मगर आम आदमी को पैसा देने के बावजूद भी ये सुविधाएं साल-साल भर गुजर जाने के बाद भी नहीं मिली। राशन देने के नाम पर कोटेदारों द्वारा न केवल लोगों को कम राशन देने का खेल खेला जाता है बल्कि लोगों से अंगूठा लगवाने के बाद भी यह कहकर राषन नहीं दिया जाता है कि बायोमेट्रिक में अंगूठा मैच नहीं हो रहा है। यह सब कुछ जनपद बहराइच के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में देखने को मिल रहा है।

उपरोक्त घटनाओं का एक छोटा सा नमूना मैनफोर्स समाचार पत्र जनपद बहराइच के ग्राम पुरैनी के रूप में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है। ग्राम पुरैनी निवासी अनन्त राम कहते है कि इस गांव में कोटेदार राम केवल और ग्राम प्रधान बरकत अली की खूब मनमानी चल रही है। इन्हें क्षेत्र की जनता से कोई सरोकार नहीं है। अनन्त राम कहते है कि ग्राम प्रधान बरकत अली पैसा लेने के बाद भी उसे प्रधानमंत्री योजना के तहत आवास नहीं दिये। अनन्त राम ने बताया कि ग्राम प्रधान ने शौचालय बनावाने के नाम पर भी पैसा लिया। मगर आज तक ना तो आवास दिया और ना ही शौचालय बनवाया। अनन्त ने बताया कि जब प्रधान से पूछा जाता है कि कब आवास और शौचालय मिलेगा तो उनका कहना होता है कि जब पास होगा तब मिलेगा। अनन्त राम ने कहाकि जिस प्रकार ग्राम प्रधान की कार्यप्रणाली है। ठीक उसी प्रकार की कार्यप्रणाली यहां के कोटेदार रामकेवल की है। कोटेदार कभी राषन नहीं देता है तो कभी तेल नहीं देता है। अनन्त राम ने कहाकि उसके परिवार में तीन लोग है। एक लोग पर पांच किलो राशन मिलता है। मगर कोटेदार रामकेवल हर बार दस किलो ही देता है। जबकि उसे राशन 15 किलो मिलना चाहिए। अनन्त राम ने बताया कि कई-कई महीने तो कोटेदार राषन ही नहीं देता है। इसी प्रकार इस गांव के गणेश का कहना है कि कोटेदार राम केवल मात्र उसे एक यूनिट पर तीन किलो ही राषन देता है। कई बार कोटेदार से इसी बात पर बहस भी हो गई है कि अखिर इतना कम क्यों राशन देते हो ? इस पर कोटेदार कहता है कि राशन लेना है लो अन्यथा जाओ। जब वह यूनिट पर निर्धारित राषन देता ही नहीं है तो कोई उससे मारपीट तो करेगा नहीं ? गणेश ने कहाकि इसी प्रकार की कार्यशैली ग्राम प्रधान बरकत अली की है। जब बरकत अली के पास प्रधानी आयी है। तब से आज तक षायद ही इस गांव में बरकत अली ने पैर रखा हो। जो ग्राम प्रधान गांव में आयेगा ही नहीं, वह भला आम आदमी की समस्या को समझेगा कैसे ? हम लोग अपनी समस्या बताते भी है तो वह सुनकर टाल देता है। आज तक हम लोगों को ना तो आवास मिला है और ना ही शौचालय की सुविधा मिला है। जिसके पास पहले से ही मकान है। जो संपन्न है, उसको तो ग्राम प्रधान आवास दे देते है। मगर जो गरीब है, उसके लिए ग्राम प्रधान के पास आवास नहीं है। हम लोग ग्राम प्रधान की अनैतिक कार्यशैली की वजह से सरकार की तरफ से मिलने वाले आवास और शौचालय की सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे है और विवश होकर झोपड़ी में दिन गुजार रहे है। उपरोक्त की भांति गांव की ही मोहन देवी ने बताया कि ग्राम प्रधान दो साल से अधिक का समय हो गया है। आज तक गांव में नहीं आये। ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत के अन्य गांवों के लोगों को आवास दिये है। मगर इस गांव के लोगों आवास नहीं दिये। मोहन देवी ने बताया कि महिलाओं को खुले में शौच ना जाना पड़े इसके लिए सरकार ने सभी गांव के ग्रामीणों के लिए निःषुल्क षौचालय बनवाने का ऐलान किया था। मगर इस गांव के लोगों को प्रधान की मनमानी और लापरवाही की वजह से षौचालय की सुविधा का लाभ नहीं मिला। मोहन देवी ने बताया कि जैसे ग्राम प्रधान है, वैसे ही कोटेदार भी है। किसी से सीधे मुंह बात नहीं करते है। मोहन देवी ने बताया कि उनके कार्ड पर पांच यूनिट है। नियमानुसार 25 किलो राषन मिलना चाहिए। मगर कोटेदार रामकेवल उन्हें 10 किलो से अधिक राशन नहीं देता है। गांव की निवासी निर्मला ने बताया कि उनके कार्ड पर नौ यूनिट दर्ज है। मगर उसके बावजूद भी कोटेदार रामकेवल मात्र उन्हें 20 किलो ही राशन देता है। कई-कई महीने तो वह राशन देता ही नहीं है। निर्मला ने बताया कि वह झोपड़ी डाल कर अपने परिवार के साथ रहती है। कई बार गांव के प्रधान बरकत अली से उसने प्रधानमंत्री आवास और षौचालय की मांग की। मगर वो यही कहते रहे कि जब पास होगा तब दे देंगे। मगर आज तक उसे आवास नहीं मिला।

 

 

 

 

 

 

Read 354 times Last modified on Tuesday, 17 December 2019 16:20
Rate this item
(2 votes)
Super User

Aliquam erat volutpat. Proin euismod laoreet feugiat. In pharetra nulla ut ipsum sodales non tempus quam condimentum. Duis consequat sollicitudin sapien, sit amet ultricies est elementum ac. Aliquam erat volutpat. Phasellus in mollis augue.

Website: www.youjoomla.com

Leave a comment

Make sure you enter the (*) required information where indicated. HTML code is not allowed.