10
April

उच्च न्यायालय के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे अधिकारी

मैनफोर्स

सिरौली गौसपुर बाराबंकी। जनपद बाराबंकी के मधवापुर विकास खण्ड सिरौली गौसपुर में मनरेगा के तहत तालाबों की खुदाई के कार्य में लगभग रूपया 80,0000 के गबन के मामले में ग्राम प्रधान के विरूद्ध एफ आईआर दर्ज करने के चार आदेशों की अधिकारियों द्वारा अनदेखी की जा रही है। अधिकारियों की इस प्रकार की लापरवाही के कारण उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं हो पाया। आदेश का पालन नहीं होने संबंध में राजापुर निवासी मुनेश्वर प्रसाद वर्मा ने वर्ष 2017 में जनहित याचिका उच्च न्यायालय की डबल बेंच में याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दो माह में शिकायतकर्ता को सुनकर शिकायत के निस्तारण के संबंध में जिलाधिकारी को निर्देश दिए था।

06
April

मैनफोर्स

बहराइच। वैसे तो जनपद के माध्यमिक शिक्षा विभाग से उठ रही घोटाले पर घोटाले की खबरें कोई नई बात नहीं है लेकिन लगातार सब कुछ सामने होने के बाद भी उक्त विभाग में भ्रष्टाचार का पाया जाना न सिर्फ जिला प्रशासन व  जिम्मेदारों की नाकामयाबियों को दर्शाता है बल्कि जनपद से ही उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट व राज्य मंत्री के प्रतिनिधित्वकर्ता के साथ-साथ सांसदों, प्रदेश उपाध्यक्ष व कई विधायकों के कार्य प्रणालियों पर भी अनायास ही सवाल पर सवाल खड़ा करता नजर आ रहा है। मालूम हो कि माध्यमिक शिक्षा विभाग का जनपदीय भार संभालने के साथ साथ अवैध नियुक्तियों के माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडे अपने फैजाबाद कार्यकाल से लेकर वर्तमान बहराइच तक भ्रष्टाचार के दर्जनों आरोपों से घिरने के बाद भी खुद तो जनपद में जमे ही हुए हैं और ऐसे ही डीआईओएस के संरक्षण में जहाँ पूर्व में यहां से गैर जनपद स्थानांतरित हुआ भ्रष्ट व दागी लिपिक हरेंद्र सिंह घोटाले दर घोटाले करता रहा।

31
March

आखिर किसको बचा रहे अलोक कुमार और श्रीकांत शर्मा

तबादलों में निदेशक कार्मिक कर रहे मनमानी, इनपर है किसकी मेहरबानी

मैनफोर्स

लखनऊ। प्रदेश के ऊर्जा विभाग में योगिराज में भी अखिलेश सरकार से चले आ रहे भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आई है। एक तरफ  जहां भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने के बाद मंत्रियों के निजी सचिवों को जेल भेजा जा रहा है तो वहीं ऊर्जा विभाग में भ्रष्टाचारियों को बचाया जा रहा है।

23
March

वित्त नियंत्रक और डीडीओ ने किया वास्तविक व्यय के आंकड़ों में हेराफेरी

शासन की नोटिस पर वित्त नियंत्रक फाइलों में उलझाने का कर रहे प्रयास

मैनफोर्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजशाही और नौकरशाही के अजीबोगरीब करनामों की जितनी भी चर्चा की जाये कम है। इन्हें काम न करना पड़े इसके लिए इनके पास हजारों बहाने रहते है। ये उन्हीं कार्यो को करने में दिलचस्पी लेते है, जिसमें इन्हें कमीशन का लाभ मिले। यदि इन्हें अपना लाभ नहीं दिखाई देता है, तो ये जनहित के विकास कार्यो के लिए आवंटित बजट का सदुपयोग करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई देते है।

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