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17
December

कोटेदार यूनिट के हिसाब से राशन नहीं देता, प्रधान पात्र लाभार्थियों को आवास और शौचालय नहीं देता 

कोटेदार पुरैनी वासियों से सीधे मुंह बात तक नहीं करता और ग्राम प्रधान ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं करता 

मैनफोर्स

बहराइच। समाज में भ्रष्टाचार इस कदर हावी हो गया है कि आम आदमी का जीना दुश्वार हो गया है। कोई भी ऐसा कार्य नहीं है, जिसके लिए आम आदमी को दाम न चुकाना पड़े। आम आवाम को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी दाम चुकाना पड़ रहा है, और यह सब इसलिए होता है। क्योंकि सम्पूर्ण प्रशासनिक मशीनरी भ्रष्टाचार का षिकार हो गई। आदमी चाहे वह अस्पताल में इलाज के लिए हो या फिर राशन कार्ड बनवाने से लेकर कोटे का राशन पाने तक हो। हर जगह बिना घूस दिये कोई कार्य संपन्न नहीं करा सकता है। यहां तक कि वर्तमान भाजपा सरकार ने गरीबों को निःशुल्क शौचालय, प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला गैस योजना जैसी सुविधाएं देने का ऐलान किया था। मगर ये सारी की सारी योजनाएं सरकारी मशीनरी के भ्रष्टाचार का शिकार हो गई। आम आदमी को शौचालय बनावाने के लिए भी घूस देना पड़ता है और अस्पतालों में होने वाले निःशुल्क इलाज के लिए भी शुल्क देना पड़ता है। आवास के नाम पर आम आदमी से इस सरकार के कार्यकाल में खूब ठगी की गई। ठगों के रूप में ग्राम प्रधानों और सचिवों ने जमकर धनउगाही की। धन उगाही के बाद भी यदि शौचालय की सुविधा और आवासीय सुविधा का लाभ मिल जाता तो गनीमत थी। मगर आम आदमी को पैसा देने के बावजूद भी ये सुविधाएं साल-साल भर गुजर जाने के बाद भी नहीं मिली। राशन देने के नाम पर कोटेदारों द्वारा न केवल लोगों को कम राशन देने का खेल खेला जाता है बल्कि लोगों से अंगूठा लगवाने के बाद भी यह कहकर राषन नहीं दिया जाता है कि बायोमेट्रिक में अंगूठा मैच नहीं हो रहा है। यह सब कुछ जनपद बहराइच के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में देखने को मिल रहा है।

उपरोक्त घटनाओं का एक छोटा सा नमूना मैनफोर्स समाचार पत्र जनपद बहराइच के ग्राम पुरैनी के रूप में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है। ग्राम पुरैनी निवासी अनन्त राम कहते है कि इस गांव में कोटेदार राम केवल और ग्राम प्रधान बरकत अली की खूब मनमानी चल रही है। इन्हें क्षेत्र की जनता से कोई सरोकार नहीं है। अनन्त राम कहते है कि ग्राम प्रधान बरकत अली पैसा लेने के बाद भी उसे प्रधानमंत्री योजना के तहत आवास नहीं दिये। अनन्त राम ने बताया कि ग्राम प्रधान ने शौचालय बनावाने के नाम पर भी पैसा लिया। मगर आज तक ना तो आवास दिया और ना ही शौचालय बनवाया। अनन्त ने बताया कि जब प्रधान से पूछा जाता है कि कब आवास और शौचालय मिलेगा तो उनका कहना होता है कि जब पास होगा तब मिलेगा। अनन्त राम ने कहाकि जिस प्रकार ग्राम प्रधान की कार्यप्रणाली है। ठीक उसी प्रकार की कार्यप्रणाली यहां के कोटेदार रामकेवल की है। कोटेदार कभी राषन नहीं देता है तो कभी तेल नहीं देता है। अनन्त राम ने कहाकि उसके परिवार में तीन लोग है। एक लोग पर पांच किलो राशन मिलता है। मगर कोटेदार रामकेवल हर बार दस किलो ही देता है। जबकि उसे राशन 15 किलो मिलना चाहिए। अनन्त राम ने बताया कि कई-कई महीने तो कोटेदार राषन ही नहीं देता है। इसी प्रकार इस गांव के गणेश का कहना है कि कोटेदार राम केवल मात्र उसे एक यूनिट पर तीन किलो ही राषन देता है। कई बार कोटेदार से इसी बात पर बहस भी हो गई है कि अखिर इतना कम क्यों राशन देते हो ? इस पर कोटेदार कहता है कि राशन लेना है लो अन्यथा जाओ। जब वह यूनिट पर निर्धारित राषन देता ही नहीं है तो कोई उससे मारपीट तो करेगा नहीं ? गणेश ने कहाकि इसी प्रकार की कार्यशैली ग्राम प्रधान बरकत अली की है। जब बरकत अली के पास प्रधानी आयी है। तब से आज तक षायद ही इस गांव में बरकत अली ने पैर रखा हो। जो ग्राम प्रधान गांव में आयेगा ही नहीं, वह भला आम आदमी की समस्या को समझेगा कैसे ? हम लोग अपनी समस्या बताते भी है तो वह सुनकर टाल देता है। आज तक हम लोगों को ना तो आवास मिला है और ना ही शौचालय की सुविधा मिला है। जिसके पास पहले से ही मकान है। जो संपन्न है, उसको तो ग्राम प्रधान आवास दे देते है। मगर जो गरीब है, उसके लिए ग्राम प्रधान के पास आवास नहीं है। हम लोग ग्राम प्रधान की अनैतिक कार्यशैली की वजह से सरकार की तरफ से मिलने वाले आवास और शौचालय की सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे है और विवश होकर झोपड़ी में दिन गुजार रहे है। उपरोक्त की भांति गांव की ही मोहन देवी ने बताया कि ग्राम प्रधान दो साल से अधिक का समय हो गया है। आज तक गांव में नहीं आये। ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत के अन्य गांवों के लोगों को आवास दिये है। मगर इस गांव के लोगों आवास नहीं दिये। मोहन देवी ने बताया कि महिलाओं को खुले में शौच ना जाना पड़े इसके लिए सरकार ने सभी गांव के ग्रामीणों के लिए निःषुल्क षौचालय बनवाने का ऐलान किया था। मगर इस गांव के लोगों को प्रधान की मनमानी और लापरवाही की वजह से षौचालय की सुविधा का लाभ नहीं मिला। मोहन देवी ने बताया कि जैसे ग्राम प्रधान है, वैसे ही कोटेदार भी है। किसी से सीधे मुंह बात नहीं करते है। मोहन देवी ने बताया कि उनके कार्ड पर पांच यूनिट है। नियमानुसार 25 किलो राषन मिलना चाहिए। मगर कोटेदार रामकेवल उन्हें 10 किलो से अधिक राशन नहीं देता है। गांव की निवासी निर्मला ने बताया कि उनके कार्ड पर नौ यूनिट दर्ज है। मगर उसके बावजूद भी कोटेदार रामकेवल मात्र उन्हें 20 किलो ही राशन देता है। कई-कई महीने तो वह राशन देता ही नहीं है। निर्मला ने बताया कि वह झोपड़ी डाल कर अपने परिवार के साथ रहती है। कई बार गांव के प्रधान बरकत अली से उसने प्रधानमंत्री आवास और षौचालय की मांग की। मगर वो यही कहते रहे कि जब पास होगा तब दे देंगे। मगर आज तक उसे आवास नहीं मिला।

 

 

 

 

 

 

17
December

मैनफोर्स

बहराइच। जनपद में बेरोजगारी इस कदर हावी हो गई है कि रोजगार दिलाने के नाम पर दलालों द्वारा धड़ल्ले से बेरोजगारों को ठगा जा रहा है और उनकी गाढ़ी कमाई रोजगार दिलाने के नाम पर हड़प लिया जा रहा है। बेरोजगारों को धन देने के बाद भी रोजगार मिल जाये तब भी गनीमत की बात है। मगर दलाल बेरोजगारों की बेरोजगारी का फायदा उठाते हुए उन्हें रोजगार की लालच देकर न केवल ठग रहे है बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दे रहे है। रोजगार के नाम पर ठगी का एक नायाब धंधा जनपद बहराइच के थाना क्षेत्र बौड़ी में देखने को मिला। थाना क्षेत्र बौड़ी के ग्राम कोदही निवासी मो. जुबेर मुम्बई में किसी प्रकार से हाथ गाड़ी खिचकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहा था। भले ही वह हाथ गाड़ी खिच रहा था। मगर इस कार्य से भी उसका और उसके परिवार का गुजर बसर हो जा रहा था। मगर ना जाने किसकी नजर लगी कि उसकी खाला ने उसे मुम्बई से फोन कर मलेषिया में नौकरी दिलाने और बेहतर तनख्वाह दिलाने का झांसा देकर घर बुला लिया। जब जुबेर घर पर आया तो उसकी खाला ने उसे बताया कि उसके जानने वाला एक व्यक्ति है, जिसका नाम तबरेज अंसारी निवासी नौगईयां थाना कैसरगंज, जनपद बहराइच है। वह मलेषिया में लोगों को नौकरी दिलाता है। मलेषिया में अच्छी खासी तनख्वाह मिलती है। तुम किसी प्रकार से 80 हजार रूपये की व्यवस्था कर लो तो मैं तबरेज से कहकर तुम्हे मलेशिया में नौकरी दिलवा दूंगी। इतनी बड़ी धनराषि की व्यवस्था करना तबरेज के लिए कुंआ खोदकर पानी निकालने जैसा था। जुबैर की खाला ने उसे एक व्यक्ति से 10 रूपये सैकड़ा के हिसाब से ब्याज पर 80 हजार रूपया दिलवा दिया। फिर उक्त रूपये को उसने नौकरी दिलाने वाले तबरेज अंसारी को दिला दिया। तबरेज अंसारी रूपया पाते ही बदल गया। आज मलेशिया भेज दूंगा कल भेज दूंगा आदि-आदि बातें कहते हुए जुबेर को टहलाने लगा। चार महीने बार जुबेर और उसकी खाला के दबाब में तबरेज मलेशिया के बजाय दुबई भेजने के लिए तैयार हुआ। मगर जुबेर दुबई जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। जुबेर ने कहाकि जब तुम मलेषिया भेजने की बात कहे थे तो तुम दुबई क्यों भेज रहे हो ? जुबेर ने कहाकि मेरा पैसा वापस दो। मैं दुबई नहीं जाऊंगा। इस पर तबरेज ने कहाकि पैसा तो नहीं मिलेगा। जो तुम्हें करना है। वह कर लो। ज्यादा बोलोगें को मारपीट कर तुम्हे सही कर देंगे। यदि दुबई जाना हो जाओं वर्ना पैसे नहीं मिलेंगे। जुबेर की हालत वही हो गई कि मरता, क्या ना करता। जुबेर थक हारकर दुबई जाने के लिए तैयार हो गया। तबरेज ने कहाकि तुम्हें एक कंपनी के माध्यम से भेज रहा हूं। तुम्हारी तनख्वाह दुबई के हिसाब से एक हजार रूपये होगी। तुम्हे खाना, पीना, रहना मुफ्त में मिलेगा। तुम्हे कोई परेशानी नहीं होगी। तबरेज ने कहाकि दुबई में मेरा भाई और मेरा भान्जा है। मेरे कई रिष्तेदार है। वहां पर तुम्हे कोई तकलीफ नहीं होगी। इसके बाद तबरेज ने जुबेर को दुबई भेजने के लिए जब एअरपोर्ट पर गया तो वहां तबरेज ने मोबाइल से वीडियों बनाया। जिसमें स्वयं कहाकि मैं तुम्हे दुबई भेज रहा हूं। यदि काम नहीं करोंगे तो मेरी जिम्मेदारी नहीं होगी। तुम काम नहीं कर पाओगों तो तुम्हें वापस आना पड़ेगा आदि बाते कहकर वीडियों बनाया। जुबेर ने कहाकि तबरेज के मन पहले से ही गंदा था। इसलिए उसने वीडियो स्वयं कहाकि काम नहीं कर पाओगों तो तुम्हें वापस आना पड़ेगा। जुबेर ने बताया कि जब वह दुबई में एअरपोर्ट पर पहुंचा तो वहां जिस कंपनी के पास तबरेज ने जुबेरा को भेजा था। उक्त कंपनी की तरफ से कोई तबरेज को लेने नहीं आया। जुबेर ने बताया कि वह 24 घंटे तक एअरपोर्ट पर ही पड़ा रहा लेकिन उसको कंपनी की तरफ से या तबरेज के रिश्तेदारों की तरफ से कोई भी लेने नहीं आया। दो-तीन दिन तक एअरपोर्ट के पास ही भूखे-प्यासे जुबेर ने गुजारे। मगर कोई भी उसे लेने नहीं आया। तब थक हारकर जुबेर ने अपने घर पर अपनी पत्नी को फोन करके सारी बतायी। जुबेर की पत्नी ने दुबई से आने के लिए टिकट कटाने के खातिर अपने गहने बेच कर कुण्डास पारा के ही मो. सलमान से आनलाइन टिकट कटाकर अपने पति जुबेर के पास दुबई भेजा। जिससे कि जुबेर पुनः अपने घर जनपद बहराइच वापस आया। तबरेज अंसारी की धोखाधड़ी से नाराज होकर जुबेर जब उससे अपना पैसा मांगने लगा तब पुनः जान से मारने-पीटने की धमकी देकर। जुबेर को भगा दिया। जुबेर ने मामले की षिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की। मगर अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।

 

 

 

17
December

रौंदोपुर ग्राम पंचायत प्रधान और सचिव ने शौचालय निर्माण के नाम पर की जबरदस्त धांधली

ग्राम प्रधान सुआगाड़ा ने ग्रामीणों के खाते से धोखे से निकलवाया शौचालय निर्माण की धनराशि

मैनफोर्स

बहराइच। जनपद बहराइच में भ्रष्टाचार इस कदर हावी हो गया है कि आम आदमी की जीना दुभर हो गया है। जनपद में केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जाने वाली ऐसी कोई भी योजना नहीं है। जो भ्रष्टाचार का शिकार न हो गई हो। चाहे वह उज्जवला योजना हो या फिर आयुष्मान योजना हो, चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना हो या फिर खुले में शौच मुक्त के लिए चलायी जाने वाली शौचालय योजना हो। सभी की सभी योजनाएं भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। जनपद बहराइच की ऐसी कोई भी ग्राम सभा नहीं है, जहां के ग्राम प्रधान और सचिव उपरोक्त योजनाओं का बंटाधार करने में कोई कोर कसर छोड़े हो। ग्राम प्रधानों और सचिवों के भ्रष्ट कार्यशैली को इन दिनों जनपद बहराइच के फखरपुर ग्राम पंचायत रौंदोपुर के गांव सुआगाड़ा में खुलेआम देखा जा सकता है। ग्राम पंचायत सुआगाड़ा में कराये गये कार्य स्वयं चिल्ला-चिल्ला कर निर्माण में किये गये भ्रष्टाचार की कहानी को बयां कर रहे है। इसके बाद रही सही कसर सुआगाड़ा गांव के निवासी अपने आक्रोश को व्यक्त करके बयां कर रहे है।

रौंदोपुर ग्राम पंचायत के सुआगाड़ा निवासी छोटू बताते है कि हमारे गांव के ग्राम प्रधान हरि किशुन ने गांव को खुले में शौच मुक्ति के लिए शौचालय का निर्माण कराने के लिए लाभार्थियों के खाते में सरकार की तरफ से पैसा भिजवाया। ग्राम प्रधान हरि किशुन जिस-जिस लाभार्थी के खाते में पैसा आया। उसे बैंक ले जाकर उसके खाते से शौचालय निर्माण के लिए सरकार द्वारा भेजी गई धनराशि को निकलवाकर ले लिया। ग्राम प्रधान ने कहाकि आप लोगों के पास पैसा रहेगा तो आप लोग खर्च कर दोगे और शौचालय नहीं बन पायेगा आदि बातें बनाकर सुआगाड़ा निवासियों के शौचालय की धनराशि को हड़प लिया। ग्राम प्रधान ने इसके अतिरिक्त भी शौचालय बनावाने के लिए शौचालय की सूची में नाम सम्मिलित करने के नाम पर प्रत्येक लाभार्थी से पांच-पांस सौ से लेकर एक-एक हजार रूपये तक लिया। मगर उसके बावजूद भी ग्राम प्रधान हरि किशुन ने लाभार्थियों के शौचालय का निर्माण पूरी तरह से नहीं करवाया। छोटू ने बताया कि ग्राम प्रधान ने जितने भी इस गांव में शौचालय बनवाये है। उनमें से किसी भी शौचालय पर छत या टीन नहीं डलवाया है। इतना ही नहीं ग्राम प्रधान ने शौचालय के लिए बनवाये जाने वाले गड्ढे को भी आधा-अधूरा ही खुदवाया है। ग्राम में प्रधान ने शौचालय की दीवारों को इस कदर बनवाया है कि कोई भी हाथ से धक्का दे दे तो गिर जायेगा। छोटू ने बताया कि आज तक शौचालयों में न तो शीट लगाई गई है और न ही दरवाजा लगाया गया है। ऐसा शौचालय बनवाने और न बनवाने के बराबर ही है।

छोटू ने कहाकि एक साल से अधिक की अवधि हो गई है। मगर न तो प्रधान ने शौचालय का निर्माण पूर्ण कराया और न ही लाभार्थियों को पैसा दिया। छोटू ने बताया कि जब हम लोग प्रधान से पूछते है कि आखिर शौचालय कब बनेगा ? तो प्रधान कहते है कि जब दोबारा पैसा आयेगा तो बनेगा आदि बात कहकर टाल देता है। छोटू ने बताया कि आज तक इस गांव में ग्राम प्रधान ने कोई भी विकास कार्य नहीं किया। जो किया भी है, वह इस आधे-अधूरे शौचालय के रूप में आपके समक्ष दिख रहा है। सुआगाड़ा निवासी लच्छीराम ने बताया कि ग्राम प्रधान हरि किशुन ने शौचालय के निर्माण के लिए आई गई धनराशि में से बारह हजार रूपया ले लिया है। मगर आज तक शौचालय पर न तो छत बनवाया गया और न ही शौचालय में शीट लगवाया गया है। गांव का कोई भी शौचालय पूर्ण रूप से नहीं बना हुआ है। किसी भी शौचालय में दरवाजा नहीं लगाया गया है। प्रधान ने शौचालय के नाम पर गांव के लोगों को जबरदस्त तरीके से ठगा है। सुआगाड़ा गांव के रामधनी ने बताया कि ग्राम प्रधान से उसने कई बार शौचालय बनवाने के लिए कहा था। मगर ग्राम प्रधान बिना पैसे लिये शौचालय बनावाने के लिए लाभार्थियों की सूची में मेरा नाम नहीं डाला और ना ही मेरे परिवार के लिए शौचालय बनवाया। गांव के लोगों ने बताया कि कई बार ब्लाक के सचिव से शिकायत की गई। मगर उसके बावजूद भी आज तक सचिव या किसी अन्य अधिकारी की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। गांव के लोगों ने कहाकि यदि शीघ्र ही ग्राम प्रधान हरि किशुन द्वारा गांव के लोगों के लिए बनाये गये आधे-अधूरे शौचालय का निर्माण पूर्ण नहीं किया तो सभी लोग संयुक्त होकर जिलाधिकारी, सीडीओ, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से शिकायत करेंगे। गांव के लोगों ने कहाकि शौचालय निर्माण और प्रधानमंत्री आवास के नाम पर ग्राम प्रधान हरि किशुन और सचिव ने मिलकर व्यापक पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट किया है। यदि सीधे तरीके से प्रधान शौचालय का निर्माण करा देंते है तो ठीक है, नहीं तो सभी ग्रामीण मिलकर जिलाधिकारी के समक्ष विरोध दर्ज करायेंगे। 

ग्राम प्रधान ने मैनफोर्स संवादसूत्र को धमकाने का किया प्रयास

ग्राम पंचायत रौंदोपुर के गांव सुआगाड़ा से जब मैनफोर्स संवादसूत्र मो. इसरार समाचार संकलन करके वापस घर की तरफ जा रहा था तो उसके मोबाईल नंबर 8451934807 पर ग्राम प्रधान हरि किशुन ने अपने मोबाईल नंबर 6307072190 से काल किया। काल कनेक्ट होने पर ग्राम प्रधान हरि किशुन ने समाचार पत्र के संवादसूत्र को धमकाते हुए कहाकि तुम किससे पूछकर गांव में शौचालयों की फोटों ले रहे थे और लोगों से बयान ले रहे थे। इस पर संवादसूत्र ने कहाकि इसमें किसी से पूछने की क्या आवश्यकता है। ये तो मेरा कार्य है। मेरा कार्य समाचार संकलित करने के अतिरिक्त और क्या हो सकता है। इसके बाद संवादसूत्र से ग्राम प्रधान ने उसका नाम और समाचार पत्र का नाम पूछा। संवादसूत्र ने अपना नाम और समाचार पत्र का नाम बताते हुए ग्राम प्रधान से ग्रामीणों द्वारा शौचालय के अधूरे निर्माण कार्य और शौचालय निर्माण के नाम पर ग्राम प्रधान द्वारा वसूली जाने वाली धनराशि के संबंध में उनका पक्ष जानना चाहा। तब ग्राम प्रधान ने कहाकि तुम मेरा पक्ष जानने से पहले अपने बाप का नाम बताओ। समाचार पत्र के संवादसूत्र ने कहाकि आपको मेरे और मेरे समाचार पत्र से लेना देना है या मेरे पूरे खानदान से लेना देना है। मैं जो सवाल पूछ रहा हूं, पहले उसके संबंध में आप अपना पक्ष रखिये। मगर ग्राम प्रधान हरि किशुन अपना पक्ष व्यक्त करने के बजाय संवादसूत्र के बाप का नाम जानने में ज्यादा दिलचस्पी लेते हुए दोबारा ग्राम पंचायत रौंदोपुर में समाचार संकलन और फोटों खिचने की मनाही करते हुए धमकाया और फोन को काट दिया।

 

 

 

 

04
October

मुकाम फाउण्डेशन ने डालीगंज बरौलिया के प्राथमिक विद्यालय के 124 बच्चों को वितरित किया शैक्षणिक सामग्री

प्राथमिक विद्यालय बरौलियां की प्रधानाचार्य ने सहयोग के लिए संस्था का जताया आभार

मैनफोर्स
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बरौलिया, निकट डेला हाउस स्थित प्राथमिक विद्यालय में आज दिनांक 04 अक्टूबर 2019 को सामाजिक संस्था मुकाम फाउण्डेशन द्वारा गरीब बच्चों को निशुल्क शैक्षणिक सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुकाम फाउण्डेशन ने कक्षा 1 से 5 तक के छात्र और छात्राओं करीब 124 बच्चों को निशुल्क हिन्दी, गणित, अंग्रेजी की पाठ्य पुस्तके और वितरित किया। इसके अतिरिक्त भी संस्थाएं कक्षा 3 से 4 तक के छात्र और छात्राओं को जेमेट्री बाक्स, पेसिंल बाक्स, पेसिंल, रबर, स्केल आदि शैक्षणिक सामग्री वितरित किया गया। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य लक्ष्मी रस्तोगी ने संस्था के द्वारा गरीब बच्चों को शैक्षणिक सामग्री की सहायता प्रदान करने के लिए आभार जताया।

साथ ही संस्था कुछ अन्य आवश्यक सामग्रियां भी मुहैया कराने का निवेदन किया। संस्था ने प्रधानाचार्य के निवेदन को स्वीकार करते हुए शीघ्र ही अन्य सामग्रियों को मुहैया कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष ने विनीत कुमार ने कहाकि यदि समाज का बेहतर निर्माण करना है तो समाज के भविष्य अर्थात हमारे समाज के वे बच्चे जो गरीब, निरीह है। उन्हें शैक्षणिक सामग्रियों सहित अन्य प्रकार के सहयोग प्रदान कर सशक्त बनाना ही होगा। जब समाज सशक्त होगा, तो राज्य सशक्त होगा।

 

जब राज्य सशक्त होगा तभी देश सशक्त होगा और यह तभी संभव है जब देश का भविष्य अर्थात हमारे बच्चे शिक्षित हो। जब देश का बच्चा पढेगा तभी इंडिया बढेगा। इसलिए देश को सशक्त बनाने के लिए हमें अपने भविष्य को सशक्त बनाना ही होगा। संस्था समाज के सभी वर्गो से अपील करती है कि वे संस्था के इस उद्देश्य को सार्थक बनाने के लिए संस्था के साथ कदम से कदम मिलाते हुए समाज की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाये।

इस अवसर पर संस्था की प्रबंधक शशिप्रभा शर्मा और कोषाध्यक्ष विष्णुमाया और संस्था की कार्यकारिणी सदस्य नीलिमा सिंह, सदस्य अल्पना कटियार ने संयुक्त रूप से कहाकि हमारी संस्था का उद्देश्य गरीब, निरीह और आवश्यकताओं के अभाव में शिक्षा से वंचित रहने वाले बच्चों की आवश्यकताओं को पूर्ण कर बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। इसके लिए संस्था ऐसे बच्चों को प्रत्येक प्रकार का सहयोग मुहैया कराने के लिए दृढ संकल्पित है।

संस्था समाज के धनाभाव वाले इन कमजोर वर्ग के बच्चों बेहतर शिक्षा प्राप्त कर बेहतर समाज का निर्माण करने के लिए प्रयासरत् है ताकि समाज का भविष्य सुदृढ हो सके। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्था के उपाध्यक्ष रंजीत शर्मा, संस्था की कार्यकारिणी सदस्य सविता, संस्था के प्रचार मंत्री सुनील कुमार, नीलिमा सिंह, संस्था के सहयोगी यशी कटियार, यशवंत सिंह कटियार, पुष्पेन्द्र कुमार सिंह राजवंशी, पुष्पलता कटियार आदि ने संयुक्त रूप से एक—एक कर बच्चों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया। शैक्षणिक सामग्री पाते ही बच्चों का चेहरा खुशी से खिल गया। सभी बच्चों ने एक स्वर में मुकाम फाउण्डेशन को धन्यवाद दिया।