24
April

 

एस.के. पटेल

मैनफोर्स

लखनऊ। राजधानी के अलीगंज सेक्टर एम स्थित आवास संख्या-C-101 के बगल में स्थिति ब्राइट-वे कॉलेज स्कूल के पास जर्जर अवस्था में बिजली खम्भे मौत को दावत रहे है। आपको बता दें कि इस स्कूल में नर्सरी कक्षा से इंटरमीडिएट तक के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। अपने बच्चों को स्कूल छोडने के लिए आने वाले अभिभावकों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है कि उनके बच्चे इस स्कूल के पास कितने गंभीर खतरे से दो—चार हो रहे है। आपको बता दें कि इस स्कूल के गेज के सामने 440 बोल्ट की विद्युत लाइन के 2 खम्भे हैं। जो बुरी तरह से जर्जर हैं। ऐसा नहीं है कि बिजली विभाग के जिम्मेदारों को यह जर्जर पोल दिखाई नहीं देता है। उन्हें दिखाई देता है, मगर वे जानबूझकर समस्या का समाधान नहीं कर रहे है।

 

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बिजली विभाग  किसी बहुत बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। उक्त पोल पर लगे स्विच बॉक्स और उसमें खुले पडे हुए तार कभी भी किसी भी वक्त बडी घटना को अंजाम दे सकते है। जिसका शिकार स्कूली बच्चे सबसे पहले होगे। इस संबंध में उपस्थित अभिभावको से जब बात करने की कोशिश की गई, तो किसी ने इस मामले में बोलने से स्पष्ट इंकार कर दिया। कुछ लोगों ने कहाकि उपरोक्त आवास संख्या के कॉर्नर पर लगा पोल पूरी तरह से जर्जर की स्थिति में है। करीब दो माह पूर्व बिजली विभाग द्वारा 1 स्थान पर तो नया पोल लगा दिया गया। जबकि स्कूल के सामने वाले जर्जर पोल को आज तक नहीं बदला गया। लोगों ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारी विगत दो माह से आज तक पुराने पोल से नए पोल पर बिजली का कनेक्शन नहीं लगवा सके हैं। शिकायत करने के बाद भी उनके कानों पर जूं नहीं रेंगती है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उच्च पदों पर आसीन अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। 

 

 

 

20
April

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए जूमकार, इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्मार्ट साइकिल शेयरिंग (पीईडीएल) की शुरूआत की गई। जिसका उद्घाटन महापौर संयुक्ता भाटिया द्वारा किया गया। प्रथम चरण के दौरान शहर के 12 स्थानों को सेवा में लिया गया है। जिसकी शुरूआत जनेश्वर मिश्र पार्क से ग्वारी चौराहा, पत्रकारपुरम चौराहा, हुसड़िया चौराहा, हनीमैन चौराहा से सिंगापुर मॉल तक कुल 12 स्थानों पर 25 साइकिल उपलब्ध होंगी तथा दो रूपया प्रति घंटा की दर से इन साईकिलों का उपयोग किया जा सकेगा। साइकिल उपयोग करने के लिए यूज़र को अपने एनड्रायड मोबाईल पर प्ले स्टोर से जूमकार एप डाउनलोड करना होगा। इसका किसी भी प्रकार का कोई पंजीकरण शुल्क नहीं रखा गया है। प्रयोग की गयी साईकिल का यूज़र चार्ज का भुगतान पेटीएम के माध्यम से किया जाएगा। यह साइकिल जी.पी.एस. से लैस है। साथ ही साईकिल का लॉक भी क्यू.आर. कोड के माध्यम से संचालित होता है। यह साईकिल सोलर बैट्री से चार्ज होती है। इस साईकिल में सुरक्षा हेतु इनटरनल एलार्म भी लगा हुआ है। इस साईकिल के प्रयोग से एक ओर जहां स्वास्थ्य ठीक रहेगा। वहीं दूसरी ओर पेट्रोल, डीज़ल की गाडियों से हो रहे प्रदूषण से भी बचा जा सकेगा। शुरूआत में जनता को प्रोत्साहित करने के लिए इसका शुल्क दो रूपये प्रति घंटा रखा गया है। बाद में इसका किराया 20 रूपये प्रतिघंटा होगा। लखनऊ शहर के अन्य स्थानों पर भी इस साइकिल का प्रयोग किया जाएगा। जिससे शहर में हो रहे प्रदूषण से जनता को राहत मिल सके। कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर उदयराज सिंह नगर आयुक्त/सी.ई.ओ., पी.के. श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त तथा पंकज भूषण, पर्यावरण अभियन्ता मौजूद थे। 

 

 

 

18
April

प्रदेश के सभी जिलों के अस्पतालों सामुदायिक केंद्रों में खोले जाएगें ‘पालना’ शिशु स्वागत केंद्र 

बाल एवं परिवार कल्याण सचिव रेणुका कुमार ने सभी डीएम को भेजा परिपत्र 

लखनऊ। निर्जन स्थान या कूड़े के ढ़ेंरों में नवजात शिशुओं को फेंक दिये जाने के बाद उनका जीवन बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने शिशु स्वागत केंद्र पालना की स्थापना प्रदेश के समस्त सामुदायिक केंद्र सभी जिला एवं सिविल अस्पताल, राजकीय बालगृह, दत्तक ग्रहण इकाइयो, और सभी चाइल्ड लाइन में स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन शिशुओं को कूड़े के ढ़ेर में पाए जाने के तुरंत बाद उसकी पूरी चिकित्सा की जाए और उसका जीवन बचाया जाए। प्रदेश की महिला एवं बाल कल्याण सचिव रेणुका कुमार ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को पत्र लिखकर कहा है कि वह लोग अपने अपने जिलों में पालना की स्थापना के लिए कार्य करें।   उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत से लोग है जो अपना नाम गुप्त रखना चाहते हैं और शिशु को पालना को सौंपना चाहते हैं ऐसे लोगों के लिए यह स्वागत केंद्र होगा। इन पालना घरों मे समूह ग और समूह घ के की डयूटी रोटेशन में आठ आठ घंटे पूरे चोबीस घंटे के लिए लगेगी। पालना स्वागत केद्रों के इंचार्ज किसी राजपत्रित अधिकारी को बनाया जाएगा। पालना स्वागत केंद्र की दीवारेां पर बाहर इंचार्ज अधिकारी का मोबाइल नंबर दर्शाया जाएगा। जिलो में डीएम, एसपी, सीएमाओ और सीएमएस आदि कार्यालयों में इकाई वार इंचार्ज का मोबाइल नंबर डिस्प्ले किया जाएगा। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी लिखा जाएगा। श्रीमती कुमार ने शासनादेश में बताया है कि प्रदेश के समस्त स्वास्थ्य विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला सिविल अस्पताल महिला कल्याण गृह, में यह पालना स्वास्थ्य केद्र स्थापित होंगे वहां पालना में शिशु के रखते ही सम्बन्धित स्थल पर तैनात कर्मचारियेां को इस बात की सूचना तुरंत प्राप्त हो और उसके लिए घंटा लगाया जाए जिससे उस शिशु को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बड़े अस्पताल में भर्ती कराया जाए और रेस्क्यू वैन की सेवा का उपयोग किया जाए। उन्होंने बताया कि नवजात शिशु के पालना में आने के 24 घंटे के भीतर तैनात इंचार्ज तुरंत बाल कल्याण समिति जिला परवीक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी और विशेष किशोर पुलिस एवं चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों को भेजी जाएगी जिससे वह लोग इन मामलो में  तुरंत कार्यवाही कर सकेंगे। शिशु केंद्र पर बच्चे की सूचना मिलने के बाद किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।    

 

 

 

 

17
April

लखनऊ। राजधानी में भीषण गर्मी से प्रायः आग की घटनाएं देखने व सुनने को मिल रही है। इसी क्रम में मंगलवार दोपहर को राजधानी के इंदिरानगर थानाक्षेत्र में एक ट्रांसफार्मर में आग लगने की घटना प्रकाश में आई है।  ट्रांसफार्मर में लगी आग की वजह से उसके आस—पास जितनी भी झोपडपट्टियाँ थी। वह भी इस आग की चपेट में आ गयी। इस घटना में 95 घरों के लोग बेघर हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रांसफार्मर में लगी आग पर जब तक लोग काबू पाते तब तक आग ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया और आस—पास की झोपडियों को जलाकर राख कर दिया। इस घटना से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वहीं स्थानीय लोगों ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस और दमकल को विभाग को दी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सूचना देने के घंटो बाद मौके पर दमकल विभाग की आग बुझाने वाली गाडियां मौके पर पहुंची।

दमकल विभाग की गाडियों के आने तक आग की चपेट में सैकड़ों झोपडपट्टियाँ जलकर खाक हो गई। आग की विकराल घटना में कई जानवरों बुरी तरह से जलकर मर गये। प्रत्यक्षदर्शियो ने बताया कि आस-पास के लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया था। मगर पुलिस और दमकल विभाग की गाडियों के आने से पूर्व सब जलकर राख हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से आग की घटना पर काबू पाने का प्रयास किया था। मगर आग लगने की वजह से झोपडपट्टियों में रखे सिलेण्डरों में आग लग गईं। जिसके वजह से सिलेण्डरों में विस्फोट होने लगा। सिलेंडरों के फटने की आवाज से लोगों में भगदड़ मच गयी।लोगों ने अपने घरों के ऊपर से पाइप से आग पर पानी डालना शुरू कर दिया।

लोगों को छतों से पानी डालता देख 15 वर्षीय लवकुश पटवा और अन्य लोग भी पाइप के सहारे आग पर काबू पाने के लिए दमकल के साथ जुट गए। दमकल अधिकारियों का कहना है कि आग काफी भयानक लगी थी। आग की इस घटना से आधा दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियों ने आग पर कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। आपको बता दें कि आग लगने के दौरान एक महिला, जिसके बच्चे झोपड़पट्टी में फंसे थे। उक्त महिला अपने बच्चों को निकालने के प्रयास में आग से झुलस गई। जबकि दमकल के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कोई हताहत होने की सूचना नहीं प्राप्त हुई है। आग पर नियंत्रण कर लिया गया है। इस घटना में लगभग 95 झोपडियां जलकर राख हो गई हैं। कुछ लोग झोपडपट्टियों से सामान निकाल पाये थे, शेष लोगों का सारा सामान जलकर राख हो गया।

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