25
March

बदलगढ़ हिंसा की बुझी आग को धधकाने का प्रयास

Written by 
Published in home down left

 

 

 

पुलिस और दलालों का गठजोड़ थाना प्रभारी पर पड़ेगा भारी

मैनफोर्स

अमेठी। जनपद अमेठी के ग्राम बदलगढ़ पोस्ट मकदूमपुर कला थाना बाजार शुक्ल क्षेत्र में दिनांक २६ जून २017 को ईदगाह में अराजकतत्वों द्वारा सूअर का कटा सिर रखकर साम्प्रदायिक माहौल को बिगाडऩे वाले षडय़ंत्रकारियों के षडय़ंत्रों का मैनफोर्स समाचार पत्र अक्टूबर माह से लगातार अपने प्रत्येक अंक के माध्यम से पर्दाफाश करता आ रहा है। साथ ही इस मामले में थाना बाजार शुक्ल पुलिस की आम नागरिकों के प्रति उत्पीडऩात्मक कार्यशैली को लेकर भी समाचार प्रकाशित करता आ रहा है। आपको बता दे कि पिछले कुछ माह से थाना बाजारशुक्ल पुलिस का रवैया आम लोगों के प्रति उत्पीडऩात्मक हो गया था। पूर्व थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में थाना बाजारशुक्ल पुलिस आम नागरिकों का जीना दुश्वार कर दी थी। थाना बाजार शुक्ल द्वारा भाजपाई मंत्रियों के इशारें पर राजनैतिक रोटी सेंकते हुए एक मुस्लिम सम्प्रदाय को लोगों को जानबूझकर फंसाकर साम्प्रदायिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया जाता रहा। थक हारकर स्थानीय लोगों द्वारा क्षेत्राधिकारी मुसाफिर खाना, पुलिस अधीक्षक अमेठी, जिलाधिकारी अमेठी, पुलिस महानिरीक्षक उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव गृह विभाग उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, राज्यपाल उत्तर प्रदेश से शिकायत कई बार शिकायत की। मगर मामला में किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया और मुस्लिम सम्प्रदाय का उत्पीडऩ यथावत जारी रहा। अंत में स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिससे क्षुब्ध होकर पूर्व थाना प्रभारी थाना बाजार शुक्ल और उनके हमाराहियों द्वारा याचिकाकर्ताओं को ही झूठे आरोप में फंसाने की धमकी देकर मामले को रफा-दफा करने का दवाब बना जाता रहा। जब मामला नहीं बना तो थाना बाजार शुक्ल में तैनात सिपाही अखिलेश सिंह और अजय गिरी द्वारा याचिकाकर्ता वकील अहमद के सीने पर पिस्तौल तान कर डराने और धमकाने का प्रयास किया गया। जिससे उग्र ग्रामिणों द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली का जमकर विरोध किया गया। ग्रामिणों ने याचिकाकर्ता वकील अहमद के सीने पर पिस्तौल तानने वाले पुलिस कर्मियों की विडियों और फोटो बनाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यमंत्री सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल वाट्सएप और ट्वीटर के माध्यम से भेजकर उक्त मामले की शिकायत की। जिसके तुरन्त बाद तत्कालीन थाना प्रभारी को हटाकर नये थाना प्रभारी अरविन्द तिवारी को तैनात किया गया। जबसे अरविन्द तिवारी थाना बाजार शुक्ल की कमान संभाले है। तब से न केवल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है बल्कि क्षेत्र की तमाम अपराधिक गतिविधियों पर लगाम है। मगर वर्तमान में थाने में कुछ ऐसे आरक्षी है, जो राजनैतिक संरक्षण का फायदा उठाते हुए न केवल वर्तमान थाना प्रभारी छवि को धूमिल करने का कार्य कर रहे है बल्कि क्षेत्र में पुन: अराजकता का माहौल उत्पन्न कराने का प्रयास कर रहे है।

कुछ पुलिसकर्मी सोई हुई चिंगारी को जगाने का कर रहे प्रयास

जनपद अमेठी के ग्राम बदलगढ़ पोस्ट मकदूमपुर कला थाना बाजार शुक्ल क्षेत्र में दिनांक २६ जून २017 को ईदगाह में अराजकतत्वों द्वारा सूअर का कटा सिर रखकर साम्प्रदायिक माहौल को बिगाडऩे के बाद अराजकतत्वों द्वारा पुलिस के वाहनों में तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया था। उक्त घटना को कारित करने के आरोप में पुलिस ने कुछ नामजद आरोपियों के साथ अन्य अज्ञात आरोपियों के नाम पर मुकदमा पंजीकृत किया था। पूर्व में इन्हीं अज्ञात आरोपियों के नामों की सूची में मात्र बदलगढ़ की आवाम के लोगों का नाम डालने के कारण पुलिस और आम लोगों के बीच दूरिया बढ़ी थी। जबकि सभी को पता है कि उक्त घटना को कारित करने लोग जालिमपुरवा गांव के थे। मगर कुछ थाने के दलालों के शह पर तत्कालीन थाना प्रभारी ने लोगों का जबरन सूची में नाम डालकर उनसे पैसे की मांग करते थे, जो लोग पैसे देने के लिए तैयार रहते थे, उनका नाम सूची से बाहर कर दिया जाता था। पुलिस के रवैये की वजह से ही आम लोगों की पुलिस के बीच दूरियां बढ़ती गई। मगर वर्तमान थाना प्रभारी अरविन्द तिवारी के थाना बाजार शुक्ल का प्रभार संभालते ही स्थिति नियंत्रण में आ गई। वर्तमान थाना प्रभारी के निर्देशानुसार ने उक्त घटना के मामले में पुलिस अज्ञात आरोपियों के नामों के मामले में शक के आधार पर जिन व्यक्तियों के नाम को दर्ज किया था। पुलिस ऐसे व्यक्तियों को थाने में अपना पक्ष दर्ज कराने के लिए गांवों में नोटीस चस्पा कर शांतिपूर्ण तरीके से लोगों को थाने में बुलाई है। पुलिस के इस व्यवहार से ग्राम बदलगढ़ की आवाम भी संतुष्टï है कि अब पुलिस शांतिपूर्ण तरीके बगैर किसी दुर्भावना के अपना कार्य कर रही है। बदलगढ़ गांव की आवाम ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए थाना बाजारशुक्ल के कुछ पुलिसकर्मियों की जो पुन: माहौल को बिगाडऩे के उद्देश्य से गांव के कुछ लोगों को उक्त प्रकरण में फंसाने और बचाने के उद्देश्य से पैसे के लेनदेन की बात कर रहे है। यदि ऐसे पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर शीघ्र लगाम नहीं लगा तो निश्चय है कि ये लोग पुन: थाना प्रभारी अरविन्द तिवारी की क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने के प्रयास पर पानी फेरने का काम करेंगे।

थाने में राजनैतिक दलालों की बढ़ रही सक्रियता

स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त घटना को बिगाडऩे के आरोप में थाने की दलाली करने वाले मो. मोबिन उर्फ पप्पू, मो. असलम का भी नाम सामने आया। इन लोगों  के राजनैतिक संबंधों का भी पर्दाफाश हुआ था। जब से थाना प्रभारी अरविन्द तिवारी थाना बाजारशुक्ल का प्रभार संभाले तब से इन लोगों की थाने में आवाजाही थोड़ी कम हुई थी। मगर अब फिर इन लोगों की थाने में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों के सहयोग से सक्रियता बढ़ती जा रही है। इन लोगों के इशारें पर ही बेगुनाह लोगों के नामों को उपरोक्त घटना के आरोप में शामिल किये जाने की साजिश क्रियान्वित की जा रही है। यदि ये लोग फिर अपनी साजिश से सफल हो गये तो फिर क्षेत्र का अमन चैन खराब हो जायेगा और वर्तमान थाना प्रभारी की शांति व्यवस्था कायम रखने की मंशा धाराशायी हो जायेगी।

नोटिस चस्पा करने की पुलिस की शिथिल कार्यशैली संदिग्ध

वर्तमान थाना प्रभारी अरविन्द तिवारी ने उपरोक्त घटना के संबंध में जिन लोगों के नाम प्रकाश में आ रहे है, उन्हें नोटिस भेजकर उनका बयान दर्ज करने के लिए थाना बुलाया है। नोटिस भेजने शांतिपूर्वक लोगों को बयान दर्ज कराने की थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली सराहनीय है। मगर उनकी इस कार्यप्रणाली पर पलीता लगाने के लिए पुलिसकर्मियों ने कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ा है। जो तारीख नोटिस में बयान दर्ज करने के लिए उल्लेखित की गई है। उसी तारीख को पुलिसकर्मी दोपहर के बाद गांव में नोटिस चस्पा कर रहे थे। अब सवाल यह हैकि यदि नोटिस भेजकर गांव वालों को बयान के लिए बुलाया जा रहा है तो नोटिस दो-चार दिन पूर्व ही चस्पा कराया गया होता। मगर पुलिस कर्मियों ने ऐसा नहीं किया। अब पुलिसकर्मी यह कहेंगे कि बदलगढ़ के लोगों ने पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया। जिस तिथि को बयान के लिए बुलाया गया लोगों ने अपना बयान दर्ज किया। इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी। पुलिस की इस प्रकार की कार्यशैली स्वत: सिद्ध कर रही है कि थाना बाजारशुक्ल की पुलिस स्वयं आम जनता के मध्य बेहतर रिश्ता स्थापित नहीं करना चाहती है।

 

 

 

Read 387 times
Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter the (*) required information where indicated. HTML code is not allowed.