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December

विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर युवक से की ठगी

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मैनफोर्स

बहराइच। जनपद में बेरोजगारी इस कदर हावी हो गई है कि रोजगार दिलाने के नाम पर दलालों द्वारा धड़ल्ले से बेरोजगारों को ठगा जा रहा है और उनकी गाढ़ी कमाई रोजगार दिलाने के नाम पर हड़प लिया जा रहा है। बेरोजगारों को धन देने के बाद भी रोजगार मिल जाये तब भी गनीमत की बात है। मगर दलाल बेरोजगारों की बेरोजगारी का फायदा उठाते हुए उन्हें रोजगार की लालच देकर न केवल ठग रहे है बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दे रहे है। रोजगार के नाम पर ठगी का एक नायाब धंधा जनपद बहराइच के थाना क्षेत्र बौड़ी में देखने को मिला। थाना क्षेत्र बौड़ी के ग्राम कोदही निवासी मो. जुबेर मुम्बई में किसी प्रकार से हाथ गाड़ी खिचकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहा था। भले ही वह हाथ गाड़ी खिच रहा था। मगर इस कार्य से भी उसका और उसके परिवार का गुजर बसर हो जा रहा था। मगर ना जाने किसकी नजर लगी कि उसकी खाला ने उसे मुम्बई से फोन कर मलेषिया में नौकरी दिलाने और बेहतर तनख्वाह दिलाने का झांसा देकर घर बुला लिया। जब जुबेर घर पर आया तो उसकी खाला ने उसे बताया कि उसके जानने वाला एक व्यक्ति है, जिसका नाम तबरेज अंसारी निवासी नौगईयां थाना कैसरगंज, जनपद बहराइच है। वह मलेषिया में लोगों को नौकरी दिलाता है। मलेषिया में अच्छी खासी तनख्वाह मिलती है। तुम किसी प्रकार से 80 हजार रूपये की व्यवस्था कर लो तो मैं तबरेज से कहकर तुम्हे मलेशिया में नौकरी दिलवा दूंगी। इतनी बड़ी धनराषि की व्यवस्था करना तबरेज के लिए कुंआ खोदकर पानी निकालने जैसा था। जुबैर की खाला ने उसे एक व्यक्ति से 10 रूपये सैकड़ा के हिसाब से ब्याज पर 80 हजार रूपया दिलवा दिया। फिर उक्त रूपये को उसने नौकरी दिलाने वाले तबरेज अंसारी को दिला दिया। तबरेज अंसारी रूपया पाते ही बदल गया। आज मलेशिया भेज दूंगा कल भेज दूंगा आदि-आदि बातें कहते हुए जुबेर को टहलाने लगा। चार महीने बार जुबेर और उसकी खाला के दबाब में तबरेज मलेशिया के बजाय दुबई भेजने के लिए तैयार हुआ। मगर जुबेर दुबई जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। जुबेर ने कहाकि जब तुम मलेषिया भेजने की बात कहे थे तो तुम दुबई क्यों भेज रहे हो ? जुबेर ने कहाकि मेरा पैसा वापस दो। मैं दुबई नहीं जाऊंगा। इस पर तबरेज ने कहाकि पैसा तो नहीं मिलेगा। जो तुम्हें करना है। वह कर लो। ज्यादा बोलोगें को मारपीट कर तुम्हे सही कर देंगे। यदि दुबई जाना हो जाओं वर्ना पैसे नहीं मिलेंगे। जुबेर की हालत वही हो गई कि मरता, क्या ना करता। जुबेर थक हारकर दुबई जाने के लिए तैयार हो गया। तबरेज ने कहाकि तुम्हें एक कंपनी के माध्यम से भेज रहा हूं। तुम्हारी तनख्वाह दुबई के हिसाब से एक हजार रूपये होगी। तुम्हे खाना, पीना, रहना मुफ्त में मिलेगा। तुम्हे कोई परेशानी नहीं होगी। तबरेज ने कहाकि दुबई में मेरा भाई और मेरा भान्जा है। मेरे कई रिष्तेदार है। वहां पर तुम्हे कोई तकलीफ नहीं होगी। इसके बाद तबरेज ने जुबेर को दुबई भेजने के लिए जब एअरपोर्ट पर गया तो वहां तबरेज ने मोबाइल से वीडियों बनाया। जिसमें स्वयं कहाकि मैं तुम्हे दुबई भेज रहा हूं। यदि काम नहीं करोंगे तो मेरी जिम्मेदारी नहीं होगी। तुम काम नहीं कर पाओगों तो तुम्हें वापस आना पड़ेगा आदि बाते कहकर वीडियों बनाया। जुबेर ने कहाकि तबरेज के मन पहले से ही गंदा था। इसलिए उसने वीडियो स्वयं कहाकि काम नहीं कर पाओगों तो तुम्हें वापस आना पड़ेगा। जुबेर ने बताया कि जब वह दुबई में एअरपोर्ट पर पहुंचा तो वहां जिस कंपनी के पास तबरेज ने जुबेरा को भेजा था। उक्त कंपनी की तरफ से कोई तबरेज को लेने नहीं आया। जुबेर ने बताया कि वह 24 घंटे तक एअरपोर्ट पर ही पड़ा रहा लेकिन उसको कंपनी की तरफ से या तबरेज के रिश्तेदारों की तरफ से कोई भी लेने नहीं आया। दो-तीन दिन तक एअरपोर्ट के पास ही भूखे-प्यासे जुबेर ने गुजारे। मगर कोई भी उसे लेने नहीं आया। तब थक हारकर जुबेर ने अपने घर पर अपनी पत्नी को फोन करके सारी बतायी। जुबेर की पत्नी ने दुबई से आने के लिए टिकट कटाने के खातिर अपने गहने बेच कर कुण्डास पारा के ही मो. सलमान से आनलाइन टिकट कटाकर अपने पति जुबेर के पास दुबई भेजा। जिससे कि जुबेर पुनः अपने घर जनपद बहराइच वापस आया। तबरेज अंसारी की धोखाधड़ी से नाराज होकर जुबेर जब उससे अपना पैसा मांगने लगा तब पुनः जान से मारने-पीटने की धमकी देकर। जुबेर को भगा दिया। जुबेर ने मामले की षिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की। मगर अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।

 

 

 

Read 556 times Last modified on Tuesday, 17 December 2019 15:51
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