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17
December

ग्रामीणों को शौचालय निर्माण के नाम पर ग्राम प्रधान ने ठगा

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रौंदोपुर ग्राम पंचायत प्रधान और सचिव ने शौचालय निर्माण के नाम पर की जबरदस्त धांधली

ग्राम प्रधान सुआगाड़ा ने ग्रामीणों के खाते से धोखे से निकलवाया शौचालय निर्माण की धनराशि

मैनफोर्स

बहराइच। जनपद बहराइच में भ्रष्टाचार इस कदर हावी हो गया है कि आम आदमी की जीना दुभर हो गया है। जनपद में केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जाने वाली ऐसी कोई भी योजना नहीं है। जो भ्रष्टाचार का शिकार न हो गई हो। चाहे वह उज्जवला योजना हो या फिर आयुष्मान योजना हो, चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना हो या फिर खुले में शौच मुक्त के लिए चलायी जाने वाली शौचालय योजना हो। सभी की सभी योजनाएं भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। जनपद बहराइच की ऐसी कोई भी ग्राम सभा नहीं है, जहां के ग्राम प्रधान और सचिव उपरोक्त योजनाओं का बंटाधार करने में कोई कोर कसर छोड़े हो। ग्राम प्रधानों और सचिवों के भ्रष्ट कार्यशैली को इन दिनों जनपद बहराइच के फखरपुर ग्राम पंचायत रौंदोपुर के गांव सुआगाड़ा में खुलेआम देखा जा सकता है। ग्राम पंचायत सुआगाड़ा में कराये गये कार्य स्वयं चिल्ला-चिल्ला कर निर्माण में किये गये भ्रष्टाचार की कहानी को बयां कर रहे है। इसके बाद रही सही कसर सुआगाड़ा गांव के निवासी अपने आक्रोश को व्यक्त करके बयां कर रहे है।

रौंदोपुर ग्राम पंचायत के सुआगाड़ा निवासी छोटू बताते है कि हमारे गांव के ग्राम प्रधान हरि किशुन ने गांव को खुले में शौच मुक्ति के लिए शौचालय का निर्माण कराने के लिए लाभार्थियों के खाते में सरकार की तरफ से पैसा भिजवाया। ग्राम प्रधान हरि किशुन जिस-जिस लाभार्थी के खाते में पैसा आया। उसे बैंक ले जाकर उसके खाते से शौचालय निर्माण के लिए सरकार द्वारा भेजी गई धनराशि को निकलवाकर ले लिया। ग्राम प्रधान ने कहाकि आप लोगों के पास पैसा रहेगा तो आप लोग खर्च कर दोगे और शौचालय नहीं बन पायेगा आदि बातें बनाकर सुआगाड़ा निवासियों के शौचालय की धनराशि को हड़प लिया। ग्राम प्रधान ने इसके अतिरिक्त भी शौचालय बनावाने के लिए शौचालय की सूची में नाम सम्मिलित करने के नाम पर प्रत्येक लाभार्थी से पांच-पांस सौ से लेकर एक-एक हजार रूपये तक लिया। मगर उसके बावजूद भी ग्राम प्रधान हरि किशुन ने लाभार्थियों के शौचालय का निर्माण पूरी तरह से नहीं करवाया। छोटू ने बताया कि ग्राम प्रधान ने जितने भी इस गांव में शौचालय बनवाये है। उनमें से किसी भी शौचालय पर छत या टीन नहीं डलवाया है। इतना ही नहीं ग्राम प्रधान ने शौचालय के लिए बनवाये जाने वाले गड्ढे को भी आधा-अधूरा ही खुदवाया है। ग्राम में प्रधान ने शौचालय की दीवारों को इस कदर बनवाया है कि कोई भी हाथ से धक्का दे दे तो गिर जायेगा। छोटू ने बताया कि आज तक शौचालयों में न तो शीट लगाई गई है और न ही दरवाजा लगाया गया है। ऐसा शौचालय बनवाने और न बनवाने के बराबर ही है।

छोटू ने कहाकि एक साल से अधिक की अवधि हो गई है। मगर न तो प्रधान ने शौचालय का निर्माण पूर्ण कराया और न ही लाभार्थियों को पैसा दिया। छोटू ने बताया कि जब हम लोग प्रधान से पूछते है कि आखिर शौचालय कब बनेगा ? तो प्रधान कहते है कि जब दोबारा पैसा आयेगा तो बनेगा आदि बात कहकर टाल देता है। छोटू ने बताया कि आज तक इस गांव में ग्राम प्रधान ने कोई भी विकास कार्य नहीं किया। जो किया भी है, वह इस आधे-अधूरे शौचालय के रूप में आपके समक्ष दिख रहा है। सुआगाड़ा निवासी लच्छीराम ने बताया कि ग्राम प्रधान हरि किशुन ने शौचालय के निर्माण के लिए आई गई धनराशि में से बारह हजार रूपया ले लिया है। मगर आज तक शौचालय पर न तो छत बनवाया गया और न ही शौचालय में शीट लगवाया गया है। गांव का कोई भी शौचालय पूर्ण रूप से नहीं बना हुआ है। किसी भी शौचालय में दरवाजा नहीं लगाया गया है। प्रधान ने शौचालय के नाम पर गांव के लोगों को जबरदस्त तरीके से ठगा है। सुआगाड़ा गांव के रामधनी ने बताया कि ग्राम प्रधान से उसने कई बार शौचालय बनवाने के लिए कहा था। मगर ग्राम प्रधान बिना पैसे लिये शौचालय बनावाने के लिए लाभार्थियों की सूची में मेरा नाम नहीं डाला और ना ही मेरे परिवार के लिए शौचालय बनवाया। गांव के लोगों ने बताया कि कई बार ब्लाक के सचिव से शिकायत की गई। मगर उसके बावजूद भी आज तक सचिव या किसी अन्य अधिकारी की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। गांव के लोगों ने कहाकि यदि शीघ्र ही ग्राम प्रधान हरि किशुन द्वारा गांव के लोगों के लिए बनाये गये आधे-अधूरे शौचालय का निर्माण पूर्ण नहीं किया तो सभी लोग संयुक्त होकर जिलाधिकारी, सीडीओ, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से शिकायत करेंगे। गांव के लोगों ने कहाकि शौचालय निर्माण और प्रधानमंत्री आवास के नाम पर ग्राम प्रधान हरि किशुन और सचिव ने मिलकर व्यापक पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट किया है। यदि सीधे तरीके से प्रधान शौचालय का निर्माण करा देंते है तो ठीक है, नहीं तो सभी ग्रामीण मिलकर जिलाधिकारी के समक्ष विरोध दर्ज करायेंगे। 

ग्राम प्रधान ने मैनफोर्स संवादसूत्र को धमकाने का किया प्रयास

ग्राम पंचायत रौंदोपुर के गांव सुआगाड़ा से जब मैनफोर्स संवादसूत्र मो. इसरार समाचार संकलन करके वापस घर की तरफ जा रहा था तो उसके मोबाईल नंबर 8451934807 पर ग्राम प्रधान हरि किशुन ने अपने मोबाईल नंबर 6307072190 से काल किया। काल कनेक्ट होने पर ग्राम प्रधान हरि किशुन ने समाचार पत्र के संवादसूत्र को धमकाते हुए कहाकि तुम किससे पूछकर गांव में शौचालयों की फोटों ले रहे थे और लोगों से बयान ले रहे थे। इस पर संवादसूत्र ने कहाकि इसमें किसी से पूछने की क्या आवश्यकता है। ये तो मेरा कार्य है। मेरा कार्य समाचार संकलित करने के अतिरिक्त और क्या हो सकता है। इसके बाद संवादसूत्र से ग्राम प्रधान ने उसका नाम और समाचार पत्र का नाम पूछा। संवादसूत्र ने अपना नाम और समाचार पत्र का नाम बताते हुए ग्राम प्रधान से ग्रामीणों द्वारा शौचालय के अधूरे निर्माण कार्य और शौचालय निर्माण के नाम पर ग्राम प्रधान द्वारा वसूली जाने वाली धनराशि के संबंध में उनका पक्ष जानना चाहा। तब ग्राम प्रधान ने कहाकि तुम मेरा पक्ष जानने से पहले अपने बाप का नाम बताओ। समाचार पत्र के संवादसूत्र ने कहाकि आपको मेरे और मेरे समाचार पत्र से लेना देना है या मेरे पूरे खानदान से लेना देना है। मैं जो सवाल पूछ रहा हूं, पहले उसके संबंध में आप अपना पक्ष रखिये। मगर ग्राम प्रधान हरि किशुन अपना पक्ष व्यक्त करने के बजाय संवादसूत्र के बाप का नाम जानने में ज्यादा दिलचस्पी लेते हुए दोबारा ग्राम पंचायत रौंदोपुर में समाचार संकलन और फोटों खिचने की मनाही करते हुए धमकाया और फोन को काट दिया।

 

 

 

 

Read 763 times Last modified on Tuesday, 17 December 2019 06:25
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