13
February

पीएम आवास योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढा

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कोटेदार से लेकर सरकारी अधिकारी, ग्राम प्रधान और मंत्री तक पीएम योजना की घूसखोरी में शामिल

मैनफोर्स

लखनऊ। सूबे की भाजपा सरकार एक तरफ जहां भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगाने के दम्भ भर रही है। वही उसके कारिन्दें सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम पर पानी फेरने का काम कर रहे है। पाठकों को बता दे कि भाजपा की केन्द्र सरकार ने गरीबों को आवासीय सुविधा का लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारम्भ किया था। सरकार इस योजना को क्रियान्वित करके इतरा रही है कि मानो उसने बादल में छेद कर दिया हो। सरकार के इस गुमान के पीछे एक कारण यह भी है कि उसे पूर्ण विश्वास हो गया है कि सभी गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मुहैया करा दिया और वह ऐसे विकासात्मक कार्य के दम पर पुन: 2019 के लोकसभा चुनाव को फतह कर लेगी। मगर समाचार पत्र यह स्पष्ट कर दे कि सरकार का यह चुनाव फतह करने का सपना मुंगेरी लाल के सपना देखने जैसा ही होगा। क्योंकि सरकार ने जिस प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गरीबों को देने का निर्णय लिया था। दरअसल उक्त प्रधानमंत्री आवास योजना पूर्णत: भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। इस योजना का लाभ उन्हीं व्यक्तियों को मिला है। जो या तो भाजपाई हो। या फिर सरकार के करिन्दों को घूस देने की योग्यता रखते हो। यहां आवास पाने की अर्हता यह नहीं है कि आप गरीब है, या आपके पास रहने के लिए छत नहीं है। यहां अर्हता इस बात की है की है कि आप प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए कितना घूस अपने जनप्रतिनिधियों और सरकारी मुलाजिमों को देने में समर्थ है। प्रधानमंत्री आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार और घूसखोरी का एक दृष्य समाचार पत्र आपको जनपद उन्नाव के ग्राम आदमपुर माली, मजरा जाजूमऊ ब्लॉक हसनगंज में दिखाने का प्रयास कर रहा है। यहां के स्थानीय निवासी सुन्दरलाल पुत्र सुखीलाल, कुंवारे पुत्र चन्द्रपाल, सरोज कुमार पुत्र राम नारायण, राधे किशन पुत्र स्व0 डोरी, प्यारे पुत्र महादेव, शिवकुमार पुत्र प्रभु, राजेन्द्र पुत्र छोटा लाल, कृपाशंकर पुत्र जगदीश, गुड्डू पुत्र घूरू, रंजीत पुत्र बाबू लाल आदि ने संयुक्त रूप से यह आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान संतोष कुमार ने सभी ग्रामिणों से किसी से 20000 तो किसी से 5000 से लेकर 15000 हजार रूपये तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने के नाम पर वसूला गया है। आश्चर्यजनक बात यह है कि ग्राम प्रधान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लोगों को पैसा तो वसूल कर लिया है। मगर अभी तक लोगों को आवास नहीं दिलाया। अब इस संबंध में लोग क्या कह रहे है, समाचार पत्र उनकी जुबानी अग्रलिखित प्रस्तुत कर रहा है।

 

स्थानीय निवासी सुन्दर लाल पुत्र सुखीलाल ने कहाकि हमारे यहां के कोटेदार शिव शंकर है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास दिलाने के लिए मुझसे 20000 हजार रूपये की मांगे। उन्होंने कहाकि इसमें से मंत्री रोहित राना को भी 5000 हजार रूपया देना है। मंत्री जी ही सारा काम करायेंगे। पहले उन्होंने 5000 हजार रूपये मुझसे लिया। इसके बाद काम कराने के बाद शेष 15000 हजार रूपये मुझसे लेने की बात कही है। करीब एक—डेढ माह हो गया है। मगर अभी तक न तो आवास मिला और ना ही पैसा मिला। इतना ही नहीं आवास के नाम पर जब इन लोगों से वार्ता की जाती है तो ये लोग सीधे मुंह बात तक नहीं करते है। उपरोक्त की भांति स्थानीय निवासी कुंवारे पुत्र चन्द्रपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास दिलाने के लिए गांव के प्रधान संतोष कुमार ने मुझसे 20000 हजार रूपया लिया। ग्राम प्रधान संतोष कुमार ने मुझसे कहाकि इसमें से मुझे मंत्री रोहित सिंह राणा को भी 5000 रूपया देना है। मंत्री जी यह सारा काम करायेंगे। दो माह में हम लोग तुम्हे आवास दिला देंगे। मंत्री रोहित सिंह राणा भी गांव में आये थे लोगों का फोटो वगैरह खिंचवाये थे। करीब दो माह से अधिक का समय हो गया। मगर अभी तक न तो मुझे आवास मिला और ना ही मेरा पैसा वापस मिला है। जब आवास की बात की जाती है तो ग्राम प्रधान सीधे मुंह बात तक नहीं करता है। जबकि मंत्री महोदय आश्वासन देते है कि आवास मिल जायेगा।

 

उपरोक्त की भांति सरोज कुमार ने कहाकि पहले मेरा नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में नहीं था। बाद में ग्राम प्रधान ने मंत्री रोहित सिंह राणा से मुलाकात कराकर उन्हें 15000 रूपये दिलाये। जिसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में मेरा नाम आ गया है। मगर अभी तक मुझे आवास नहीं मिला है। जबकि दो माह में मंत्री जी ने मुझे आवास देने की बात कही थी। अब मंत्री जी आश्वासन दे रहे है कि तुम्हार आवास जल्दी ही मिला जायेगा।

 

उपरोक्त की भांति स्थानीय निवासी राजेन्द्र पुत्र छोटा लाल ने कहाकि कोटेदार शिवशंकर ने मुझसे कहाकि तुम्हे दो माह में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलावा देंगे। इसके लिए तुम्हे 20000 रूपये देने होगे। जिसमें 5000 रूपये मंत्री रोहित सिंह राणा को देना है। क्योंकि सारा काम मंत्री जी ही करायेंगे। मैंने कोटेदार शिवशंकर को 5000 रूपया दे दिया। मगर आज दो माह से अधिक का समय हो गया। मगर मुझे अभी तक आवास नहीं मिला।

 

 

 

 

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