20
November

सहायता प्राप्त विद्यालयों की भूमि पर प्रबंधतंत्रों की गिद्ध नजर

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सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधतंत्रों की अनैतिक कार्यप्रणाली के खिलाफ उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ लामबंद

मैनफोर्स

लखनऊ। लखनऊ जनपद के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रबंधतंत्रों द्वारा अवैध और अनैतिक तरीके से सहायता प्राप्त विद्यालयों की भूमि और भवनों को हथियाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रबंधतंत्रों द्वारा इन विद्यालयों के भवनों का न केवल व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है बल्कि अवैध तरीके से विक्रय करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका साक्षात् उदाहरण लखनऊ इण्टर कालेज के प्रबंधतंत्र और प्रबंधक की कार्यप्रणाली के रूप में देखा जा सकता है। इस प्रकार की अनैतिक कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जनपद लखनऊ की कार्यकारिणी ने ऐसे प्रबंधतंत्रों और प्रबंधकों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से संघर्ष करने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने संघर्ष के प्रथम चरण के तहत सर्वप्रथम लखनऊ इण्टर कालेज लालबाग की करोड़ों रूपये की भूमि को हथियाने के लिए विद्यालय प्रबंधक द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से साठगांठ करके विद्यालय के भवन को हड़पने की नियत से विद्यालय के भवन को ध्वस्त कराने की कार्यप्रणाली का व्यापक विरोध करेगा और माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा द्वारा प्रबंधक को दिये गये आदेश दिनांक 07 अप्रैल 2018 के अनुपालन में विद्यालय के एक कक्ष की मरम्मत का कार्य शुरू कराये जाने की मांग को लेकर 29 नवम्बर 2018 को विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ जिला संगठन के पदाधिकारी सहित अन्य संघ के अन्य कार्यकर्ता विद्यालय के द्वार पर व्यापक प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी माध्यमिक शिक्षक संघ के मंत्री एवं प्रवक्ता डा. आरपी मिश्रा ने दी। श्री मिश्रा ने बताया कि लखनऊ इण्टर कालेज के प्रबंधक द्वारा कई वर्ष से विद्यालय की करोड़ों रूपये की भूमि को हथियाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधक ने पहले बिजली ओर पानी का बिल जमा करना बन्द कर दिया। जिससे विद्यालय की बिजली कट गई और पानी की आपूर्र्ति बंद हो गई। इतना ही नहीं प्रबंधक ने विद्यालय के भवन की मरम्मत, रंगाई एवं पुताई, फर्नीचर  आदि का मरमम्त कराना भी बंद कर दिया। जिससे विद्यालय में छात्रों की संख्या तेजी से घटने लगी। श्री मिश्रा ने बताया कि लखनऊ इण्टर कालेज के प्रबंधक द्वारा विद्यालय को समाप्त करने की साजिश को समझकर विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने ऐसे विषम परिस्थितियों में स्वयं आगे बढ़कर विद्यालय के संचालन की जिम्मेदारी संभाल ली और प्रत्येक शिक्षक द्वारा रूपया 2000 तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों द्वारा रूपया 1000 प्रतिमाह बिजली बिल और पानी की बिल जमा की गई। इतना ही नहीं इन लोगों के द्वारा विद्यालय की रंगाई-पुताई और फर्नीचर की मरम्मत करायी गई। यहां तक कि गत वर्ष से विद्यालय की छात्र संख्या भी बढऩे लगी। शिक्षकों और कर्मचारियों ने छात्रों को घर से लाने और ले जाने की सुविधा मुहैया कराने के लिए वाहनों की व्यवस्था की। श्री मिश्रा ने बताया कि जब शिक्षकों और कर्मचारियों ने विद्यालय का खर्च उठाना प्रारम्भ किया तो प्रबंधक ने दिनांक 4 मई २013 को विद्यालय को जर्जर बताकर  गिराये जाने के लिए शासन को पत्र प्रेषित किया। जब शासन ने प्रबंधक के पत्र पर उनके पक्ष में कोई आदेश नहीं दिया तो प्रबंधक ने लखनऊ एजुकेशन सोसाइटी की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका और बाद में अवमानना याचिका दायर की। जिस पर प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा मनोज कुमार सिंह ने दिनांक 21 अगस्त 2014 को निर्णय दिया। जिसमें विद्यालय के भवन को जर्जर भवन बताकर विद्यालय की भूमि को हड़पने के प्रयास पर रोक लगाते हुए प्रबंधतंत्र को एक-एक कक्ष की मरम्मत कराने का आदेश दिया गया। किन्तु प्रबंधक द्वारा आज तक उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। विद्यालय के प्रबंधक द्वारा उच्च न्यायालय और प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा तथा मुख्य अभियन्ता नगर निगम के आदेश को छुपाकर अब पुलिस और जिला प्रशासन से साठगांठ करके उक्त विद्यालय के भवन को जर्जर बताकर ध्वस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है ताकि विद्यालय की भूमि को अनैतिक तरीके से बेचा जा सके। श्री मिश्रा ने बताया कि उक्त विद्यालय के प्रबंधक की इस प्रकार की अनैतिक कार्यप्रणाली के खिलाफ संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के संयुक्त सहयोग से उक्त विद्यालय के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। श्री मिश्रा ने बताया कि जिस प्रकार लखनऊ इण्टर कालेज के प्रबंधक द्वारा विद्यालय की भूमि को अनैतिक तरीके से हथियाने और विक्रय करने का षणयंत्र रचा गया है। ठीक इसी प्रकार खुनखुन जी गल्र्स इण्टर कालेज के भवन को भी लीज पर देकर विद्यालय के भवन को विद्यालय के प्रबंधक और भवन मालिक शिव नारायण अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। श्री मिश्रा ने बताया कि खुनखुन जी गल्र्स इण्टर कालेज के भवन का मरम्मत कराने के संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य के पत्र पर मकान मालिक द्वारा अनुमति नहीं दी जा रही है और अब नगर निगम से ध्वस्तीकरण संबंधी नोटिस जारी करायी गई। जिस पर नगर निगम के मेयर द्वारा नगर आयुक्त को जांच कर नोटिस वापस लेने का आदेश दिया गया है। श्री मिश्रा ने बताया कि शिक्षा अधिकारी से लखनऊ जनपद के अनेक विद्यालयों की भूमि एवं भवन का उ.प्र. शैक्षिक संस्थाएं आस्तियों का अपव्यय निवारण अधिनियम 1974 का उल्लंघन किये जाने की शिकायतें की गई थी। मगर शिक्षा अधिकारी ने योगेश्वर ऋषिकुल इण्टर कालेज को छोड़कर किसी भी विद्यालय प्रबंधतंत्र पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। श्री मिश्रा ने बताया कि उपरोक्त मामलों के अतिरिक्त भी शिक्षा अधिकारी से बप्पा श्रीनारायण वोकेशनल इण्टर कालेज के सांसद एवं विधायक निधि से निर्मित आडिटोरियम के व्यवसायिक इस्तेमाल तथा विद्यालय के शिक्षक आवास एवं एग्रीकल्चर विभाग  की भूमि एवं भवन को अवैध तरीके से डिग्री कालेज को सौंपने की भी शिकायत की गई थी। यशोदा रस्तोगी गल्र्स इण्टर कालेज के खेल के मैदान को प्रबंधक द्वारा ट्रस्ट को सौंपकर उसका व्यवसायिक उपयोग किये जाने की शिकायत की गई थी। स्वतंत्र इण्टर कालेज आलमबाग की भूमि को बिल्डर को बेच दिया गया। जिसकी शिकायत शिक्षा अधिकारी से की गई। मगर इस संबंध में शिक्षा अधिकारी ने कोई कार्यवाही नहीं की। इसी प्रकार रामधीन सिंह इण्टर कालेज के खेल के मैदान में मार्केटिंग काम्पलेक्स, गेस्ट हाउस तथा मैरिज हाल एवं विद्यालय के हाल में गेस्ट हाउस बनाकर उसके व्यवसायिक उपयोग की शिकायतें की गई थी। बाबा ठाकुरदास इण्टर कालेज की भूमि एवं भवन का एक दूसरे विद्यालय दादा ठाकुरदास को हस्तान्तरण करने की शिकायत की गई। दयानन्द गल्र्स इण्टर कालेज के खेल के मैदान को एक निजी विद्यालय को सौंपने की शिकायत की गई थी। नवयुग कन्या विद्यालय की भूमि एवं भवन तथा आडिटोरियम पर नवयुग रेडियन्स का अवैध कब्जा है। विद्यालय की अधिकांश भूमि एवं भवन को अवैध तरीके से डिग्री कालेज को सौंपने की शिकायत की गई है। मगर उसके बावजूद भी आज तक शिक्षा अधिकारी द्वारा इस मसले पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। श्री मिश्रा ने बताया कि महिला इण्टर कालेज की भूमि एवं भवन के अधिकांश भाग को डिग्री कालेज को सौंप को दिया गया है। लालबाग गल्र्स इण्टर कालेज की भूमि एवं भवन का अनैतिक तरीके विक्रय कर दिया गया है। मुमताज इण्टर कालेज, डीएवी इण्टर कालेज, इस्लामियां इण्टर कालेज, राम पाल त्रिवेदी इण्टर कालेज गोसाईगंज, बक्शी का तालाब इण्टर कालेज, राम भरोसे मैकूलाल इण्टर कालेज, जगन्नाथ प्रसाद साहू इण्टर कालेज आदि अनेकों विद्यालयों की भूमि और भवनों  का अनैतिक तरीके से उपयोग करने, विक्रय करने, कब्जा करने की शिकायतें संघ ने की थी। मगर आज तक शिक्षा अधिकारी ने एक भी मामले में कोई कार्यवाही नहीं की। श्री मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहाकि संघ द्वारा इन मामलों की शिकायतें पुन: जिलाधिकारी एवं शिक्षा अधिकारी के समक्ष आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की जायेगी। कार्यवाही नहीं होने पर जनपद स्तरीय व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। 

 

 

 

 

Read 457 times Last modified on Tuesday, 20 November 2018 19:08
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