11
November

करोड़ों का विकास कार्य ग्राम प्रधान की जेब में

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विद्यालय-शौचालय सब हो गये बदहाल, ग्रामीणों की शिकायत पर भी नहीं हुई कार्यवाही

मैनफोर्स

श्रावस्ती। सूबे की भाजपा सरकार जब से सत्ता में आयी है तब से विकास के तमाम बड़े-बड़े दावे करती रही है। मगर उसके विकास के दावों की हकीकत क्या रही है। उसका एक दृश्य मैनफोर्स समाचार पत्र पाठकों के समक्ष इस प्रकार वर्णित कर रहा है। जनपद श्रावस्ती में ग्राम प्रधान द्वारा सूबे के मुख्यमंत्री के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही। जनपद श्रावस्ती के विकासखंड हरिहरपुर रानी के अंतर्गत ग्राम सभा महरौली मजरा खाले ककरा स्थिति है। यहां पर ग्राम प्रधान की खुलेआम दबंगई देखने को मिल रही है। ग्राम प्रधान द्वारा सत्र 2017-2018 में विकास कार्यों के नाम पर कई करोड़ो रुपये का वारा-न्यारा कर दिया गया है। मगर उसके बाद भी लेसमात्र भी विकास कार्य देखने को नहीं मिला है। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई। मगर कार्यवाही के नाम पर लेसमात्र भी कार्यवाही नहीं की गई। यहां के स्थानीय ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को विगत 17 सितम्बर 2018 को शिकायती सौंपा था। जिसमें उल्लेखित किया कि उनके ग्राम सभा में एक भी विकास अभी तक वास्तविक धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां के विद्यालय की दशा दिनों जर्जर और दयनीय होती जा रही है। विद्यालय के विकास कार्यों के नाम पर 3,75000 रूपया प्रधान के खाता में आया था। इस पैसे को प्रधान द्वारा निकाल लिया गया। मगर विद्यालय का विकास कार्य नाम मात्र भी नहीं किया गया। इसका सबसे बड़ा साक्ष्या स्वयं विद्यालय की जर्जर स्थिति चिल्ला कर बयां कर रही है।

इस संबंध में जब प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक लोकेन्द्र नाथ से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय की स्थिति जो आप को दिखाई दे रही है। वही उसके विकास हकीकत को बयां कर रही है। मैं यहां जब से आया हूं। तब से मैं देख रहा हूं कि यहां का जो शौचालय हैं। वह इस्तेमाल करने के योग्य नहीं है। इस विद्यालय में टाइल्स व बाउन्ड्री वाल का गेट लगवाने के लिये कई बार कहा गया। मगर ग्राम प्रधान द्वारा इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं की जाती है। ग्राम प्रधान विद्यालय के विकास पर जरा सा भी ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने बताया कि विद्यालय की बाउन्ड्री का उधड़ा हुआ प्लास्टर  और जर्जर दिवारें आपको खुद ही अपने विकास की कहानी चिल्ला-चिल्ला कर बता रही है। कुछ ग्रामीणों ने जब विद्यालय की बाउंड्री की दीवार पर हाथ लगाया तो अस्पष्ट देखा गया कि जो प्लास्टर विद्यालय की दीवार पर किया गया है। उसमें वह सिर्फ  बालू ही बालू है। जो हाथ लगाने पर दीवार से छूटकर नीचे गिर जाती है। जब उक्त गांव का अवलोकन किया गया तो पता चला कि ग्राम प्रधान ने विकास के नाम पर कुछ ग्रामीण को तो शौचालय लाभ दिया है। मगर अधिसंख्यक लोगों को ग्राम प्रधान ने शौचालय के नाम पर सिर्फ जर्जर दीवार खड़ी करके शौचालय की आवश्यकताओं को पूरा कर दिया है। इन दीवारों के बीच ना तो गड्ढे खोदे गए हैं और ना शौचालय की सीट लगाई गयी हैं। ग्राम प्रधान ने शौचालयों के आवश्यकता की पूर्ति सिर्फ  नाम के बनाये गये शौचालय के माध्यम से पूरा किया है। उम्मीद है कि पाठकगण भी उपरोक्त गांव और ग्राम प्रधान द्वारा कराये गये विकास कार्यो की यथास्थिति से बखूबी वाकिफ हो गये होंगे। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहाकि कुछ लोगों के मकान के सामने पुराना ईट का खडंजा लगा था। जिसको प्रधान द्वारा हटवा दिया गया है। मगर आज तक नया खडंजा नहीं लगवाया गया। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। अब उपरोक्त ग्राम सभा के ग्रामिणों की आस भी संदेह के घेरे में है। क्यों उन्हें संदेह है कि क्या उन्हें भी सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाले आवास व शौचालय की सुविधा का लाभ मिल पायेगा ? ग्रामिणों ने इन्हीं मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले जिम्मेदार प्रधान की कार्यप्रणाली से असंतुष्टï होकर जनपद श्रावस्ती के जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। मगर आज तक जिलाधिकारी द्वारा इस मसले पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। अब पुन: ग्रामीणों ने फि र से एक जुट होकर एकजुट होकर प्रार्थना पत्र लिख कर ग्राम प्रधान की अनैतिक कार्यप्रणाली की शिकायत जिलाधिकारी से की है।

ग्रामीणों का आरोप, ग्राम सभा में नहीं हुआ विकास

जनपद श्रावस्ती के विकास खंड हरिहरपुर रानी के अंतर्गत ग्राम सभा महरौली खाले ककरा में ग्रामीणों ने प्रधान के ऊपर आरोप लगाया कि उन्होंने 55,47,000 रूपये का विकास के नाम पर बंदरबांट किया है। ग्रामिणों ने कहाकि जब हम लोग ग्राम प्रधान से पूछते है कि इतने पैसे में क्या विकास का कार्य कराया है तो ग्राम प्रधान ग्रामीणों को जवाब देता है सारे विकास के कार्य करा दिये है। खाले ककरा में अब कोई भी विकास का कार्य नहीं होगा। जब कोई जांच के लिए आला अधिकारी पहुंचते है, तो वहां उसे विकास के नाम पर लेसमात्र भी विकास का कार्य नहंी दिखाई देता है। इस गांव में ना तो नाली का निर्माण कार्य हुआ है और ना नया खडंजे का निर्माण कार्य हुआ है! सबसे बड़ा सवाल यह है कि वद्यालय के लिए 3 लाख 75000 हजार आया था। ताकि विद्यालय में टाइल्स लगाने का कार्य पूरा किया जा सके। मगर ग्राम प्रधान ने इस कार्य को भी धांधली की भेंट चढ़ा दिया। खाले ककरा में ग्रामीणों के लिए दो पुल का निर्माण होना था। मगर पुल के निर्माण की धनराशि खर्च हो गई। मगर पुल का निर्माण कार्य आज तक संपन्न नहीं हुआ। ग्रामिणों ने आरोप लगाते हुए कहाकि ग्राम प्रधान का कहना है 2014 से 19 के बीच तो अब कोई भी विकास कार्य खाले ककरा में नहीं कराऊंगा। जो करना है कर लो, सूचना कहीं देने गए तो हरिजन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराऊंगा। जब हम फंसेंगे तो ग्राम विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत सारे लोग जाएंगे साथ! अब सवाल यह उठता है कि एक तरफ सूबे की सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है तो वही दूसरी ओर उसके नुमाईन्दे विकास के नाम पर आम आवाम के अधिकारों पर खुलेआम डकैती डाल रहे है। इस खेल में ग्राम प्रधान से लेकर ग्राम विकास अधिकारी, एडीएओ सभी सरकार के न केवल निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि आम आवाम की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ कर रहे है। विकास के नाम पर धनराशि खर्च हो रही है। मगर विकास लेसमात्र नहीं हो रहा है। फिर भी सरकार विकास के ऐसे ही तथाकथित दावों के दम्भ पर पुन: 2019 में भाजपा सरकार प्रदेश में सरकार बनाने का ख्वाब देख रही है। इस संबंध में ग्रामीणों ने 29/9/2018  को जिलाधिकारी दीपक मीणा को सूचना भी। जिला अधिकारी ने डीपीएआरओ श्रावस्ती को आदेश कर दिया। इस मामले में जांच टीम भी गठित करने का निर्देश दिया। मगर अभी तक इस मसले में कोई कार्यवाही नहीं हुई।

 

 

 

Read 389 times Last modified on Sunday, 11 November 2018 08:17
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