28
April

अलीगंज में स्मार्ट सीटी का मंसूबा फेल

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एस.के. पटेल

लखनऊ। राजधानी के अलीगंज क्षेत्र स्थित सेक्टर क्यू अलीगंज चौराहा से राम राम बैंक जाने वाली सड़क के कॉर्नर पर ही पूर्ण विकसित व सुसज्जित पार्क है। जहां लोग सुबह शाम मॉर्निंग वॉक, इवनिंग वॉक कर अपने स्वास्थ्य के लाभ हेतु आते हैं। इस पार्क के बगल में स्थानीय निवासियों द्वारा कूड़ा-कचरा लाकर पार्क और रोड के बीच में ही ढेर कर दिया जा रहा है। कारण स्पष्ट है कि नगर निगम द्वारा कूडे के निपटन की व्यवस्था नहीं किया जाना है। लिहाजा आम नागरिकों को विवश होकर सडक पर ही कूड कचरा डालने के विवश होना पडता है। जिससे गर्मी के इस मौसम में संक्रामक बीमारियों फैलने की आशंका शत प्रतिशत बढ़ जाती है। कूड़े के ढेर में दर्जनों पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। जैसा की तस्वीरों में देखा जा सकता हैंं। सडक पर फैली गंदगी के वजह से इधर से गुजरने वाले राहगिरों का निकलना दूभर हो गया है। इस विकट समस्या के प्रति स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम जोन 3 के अधिकारियों को लिखित शिकायत की है। मगर अधिकारी अपनी आंखें बंद कर तमाश देख रहे है। यूं तो नगर निगम शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करता है। इसके लिए लाखों करोडो रूपये व्यय करता है। नगर निगम निजी कंपनियों को डोर टू डोर कूडा संग्रह करने का ठेका दिया है। जिसके एवज में नगर निगम द्वारा इन निजी कंपनियों को अच्छी खासी रकम का भुगतान किया जाता है। मगर उसके बावजूद भी शहर की व्यवस्था आलम संलग्नक समाचार की तश्वीरों में देखा जा सकता है।

 

नियमानुसर इन कंपनियों को हर रोज डोर टू डोर कूडा संग्रह करना चाहिए। मगर इन कंपनियों के सफाई कर्मी हफ्ते में बमुश्किल दो से तीन दिन दिखते है। ऐसे में नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था चुस्त दुरूस्त रखने के दावे का आंकलन किया जा सकता है। साथ ही राजधानी लखनऊ स्मार्ट सिटी बनने में कितना तरक्की किया है। इसका भी अंदाजा लगाया जा सकता है। खुलेआम सरकार के स्वच्छता अभियान को अधिकारियों की लारवाही के चलते ठेंगा दिखाया जा रहा और सरकार तमाश देख रही है। सडक पर फैली गंदगी से खुलेआम गंभीर बीमारियों लोगों को अपना शिकार बना रही है। सडक पर फैली गंदगी के वजह से खुलेआम बेजुबान जानवरों की मौत हो रही है। लोग आये दिन सडक पर फैली गंदगी के वजह से घूम रहे आवारा जानवरों की वजह से दुर्घटना ग्रस्त हो रहे है। मगर उसके बावजूद भी अधिकारियों की आंखे नहीं खुल रही है। अधिकारियों की इस लापरवाही से तो यही प्रतीत हो रहा है कि लखनऊ की सफाई व्यवस्था राम भरोसे है। 

 

 

 

Read 281 times Last modified on Saturday, 28 April 2018 16:31
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