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02
April

उर्दू, अरबी-फारसी विवि में मनाया गया हज़रत अली एवं ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती का वर्षगांठ सप्ताह

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युवा महोत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

डा. नीरज सचान

लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फ़ारसी विश्वविद्यालय द्वारा मनाये जा रहे हज़रत अली (अलै) व ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (रह०) के वर्षगांठ सप्ताह का समापन समारोह आज विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। इस समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के पूर्व मंत्री लाल जी टंडन, विशिष्ट अतिथि बेगम अख्तर सम्मान से सम्मानित शास्त्रीय गायिका सुनीता झींगरन और मौलाना हसन ज़हीर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन एवं डॉ. अतउर्रहमान द्वारा प्रस्तुत कुरान की तिलावत से हुआ। इस अवसर सभी अतिथियों का स्वागत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. माहरुख मिर्ज़ा ने किया। उन्होंने छात्रों को मायूस न होने की नसीहत देते हुए लोगों की सेवा करने और लखनऊ के अदब को संजोए रखने की सीख दी। मौलाना ज़हीर ने कहा कुरान की बातों को अपने जीवन में जरुर अपनाना चाहिए। सुनीता झींगरन ने अपने शेर-ओ- शायरी व नज्मों के माध्यम से महफ़िल में समां बांधा। मुख्य अतिथि लाल जी टंडन ने कहा कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय में बदले हुए भारत की तस्वीर नजर आई जहां हज़रत  अली, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के साथ कृष्ण की बात हुई। उन्होंने वेदों को उर्दू, अरबी-फारसी में ट्रांसलेशन की भी बात कही। पूर्व मंत्री जी ने धर्म ग्रंथों से अधिक से अधिक शिक्षा लेने पर ज़ोर दिया। अहिंसा की पूजा करने वाले देश में हिंसा की बात नहीं होनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि अमन का रास्ता ही विकास की मंजिल तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि आज भारत के हर घर में कबीर के पैगाम को समझने की आवश्यकता है क्योंकि यह विचारों की चुनौतियों का दौर है। सामाजिक समरसता और एकता को थामने की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के युवा भारत को आने वाले समय में विश्व गुरु बनायेंगे। कार्यक्रम में हज़रत अली (अलै) एवं ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती  (रह०) के वर्षगांठ के सप्ताह के अवसर पर आयोजित अंतर विश्वविद्यालय 'युवा महोत्सव' के विजेताओं को सम्मानित किया गया। बैडमिंटन सिंगल प्रतियोगिता में लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रिया सिंह को, युनिटी कालेज के तैयब को, चेस में उर्दू अरबी फारसी के ज़फ़र को, रंगोली में उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय के उमेश कुमार तिवारी, अफरोज बरकत, साधना यादव को, कार्टून मेकिंग में एमिटी विश्वविद्यालय की नूर फातिमा को, नुक्कड़ नाटक में प्रथम पुरस्कार ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की टीम को, कबड्डी और क्रिकेट में लखनऊ विश्वविद्यालय की टीम, वालीबॉल में इंटीग्रल विश्वविद्यालय की टीम सहित अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रथम पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इसी कड़ी में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय की तरफ से कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा ने लालजी टंडन और प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अवार्ड, मौलाना हसन ज़हीर को हज़रत अली और सुनीता झींगरन को फातिमा अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम की समन्वयक डा. तनु डंग ने बताया  कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय में युवा महोत्सव का आयोजन 27 व 28 मार्च को किया गया था। जिसमें पहले दिन डा. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय, रामा डिग्री कालेज लखनऊ, कैरियर कालेज, श्री राम मेमोरियल विश्व विद्यालय चरक संस्थान, यूनिटी कालेज आदि के 300 छात्र- छात्राओं ने एकल गायन, नुक्क्ड़ नाटक, रंगोली मेंहदी, फेस पेंटिंग, मिमिक्री, वाद-विवाद, वालीबाल, मिनी मैराथन, क्रिकेट सहित अधर्म  प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था और दूसरे दिन कविता पाठ, स्लोगन राइटिंग, लघु कहानी लेखन, अंताक्षरी, कबड्डी आदि विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इन प्रतियोगिताओं में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फ़ारसी विश्वविद्यालय, रामा डिग्री कालेज लखनऊ, कैरियर कालेज, यूनिटी कालेज के 200 छात्र-छात्राओं ने 70 टीमों में प्रतिभाग किया था। आज के कार्यक्रम का संचालन दोआ नक़वी और डा. तनु डंग ने किया।

 

 

 

 

 

 

 

Read 464 times Last modified on Monday, 02 April 2018 17:52
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